दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का महिलाओं के आरक्षण पर तीखा बयान: क्या है विपक्ष की भूमिका?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की नाराजगी
नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोकसभा में महिलाओं के आरक्षण से संबंधित नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संशोधन विधेयक के पारित न होने पर अपनी गहरी निराशा व्यक्त की है। उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि बेटियों की हार को लोकतंत्र की जीत बताना पूरी तरह से गलत है।
तीन दिनों का दुखद मंजर
सीएम गुप्ता ने कहा कि पिछले तीन दिनों में जो घटनाएं हुईं, वे बेहद निराशाजनक थीं। आजादी के 78 साल बाद भी देश की बेटियां राजनीति में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इस विधेयक को रोकने के लिए पहले से ही योजना बनाई थी, जिसमें कभी कोटे में कोटा की बात की गई, तो कभी अन्य मुद्दों को उठाया गया।
पीएम मोदी का समाधान
रेखा गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐसा समाधान पेश किया था जिसमें किसी को भी नुकसान नहीं होता। विधेयक में सभी बातें स्पष्ट रूप से लिखी गई थीं। डिलिमिटेशन की प्रक्रिया पहले से तय थी, फिर भी विपक्ष ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि 543 सीटों में कुछ सीटें महिलाओं के लिए छोड़ने की बात कौन मानता है? विपक्ष 180 पुरुष-महिलाओं के लिए सीटें छोड़ने की बात कर रहा है, जो व्यावहारिक नहीं है।
मुस्लिम महिलाओं के नाम पर राजनीति
सीएम ने विपक्ष पर मुस्लिम महिलाओं का हितैषी बनने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब ट्रिपल तलाक कानून आया तो विरोध क्यों किया गया? शाह बानो मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को कांग्रेस ने कानून बनाकर क्यों पलटा? तब मुस्लिम महिलाओं की चिंता कहां थी?
उन्होंने कहा कि आज कोटे में कोटा की बात करके महिलाओं का हक रोका जा रहा है। कई सांसद इस डर से बिल का विरोध कर रहे हैं कि आम महिलाएं उनके सामने चुनाव लड़कर जीत सकती हैं।
महिलाओं को प्रेरित करने वाली कविता
रेखा गुप्ता ने महिलाओं का हौसला बढ़ाते हुए एक्स पर एक कविता साझा की। उन्होंने लिखा, “लोहा जितना तपता है, उतनी ही ताकत भरता है। सोने को जितना आग लगे, वो उतना तेज चमकता है।” उन्होंने कहा कि देश की बेटियां तपता हुआ लोहा और चमकता हुआ सोना हैं। वे अपनी लड़ाई खुद लड़ेंगी और अपना स्थान बनाएंगी। प्रधानमंत्री मोदी उनके साथ खड़े हैं।