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दिल्ली की राजनीति में नया विवाद: आम आदमी पार्टी ने कपिल मिश्रा के फर्जी वीडियो का किया खुलासा

दिल्ली की राजनीति में एक नया विवाद उभरा है, जब आम आदमी पार्टी ने भाजपा मंत्री कपिल मिश्रा द्वारा फैलाए गए एक फर्जी वीडियो का खुलासा किया। फॉरेंसिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि विवादित वीडियो में 'गुरु' शब्द का कोई उल्लेख नहीं था। सौरभ भारद्वाज ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह पूरी कवायद निराधार थी और जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को भड़काने का प्रयास किया गया। इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और इसके राजनीतिक निहितार्थ।
 

दिल्ली में राजनीतिक टकराव


नई दिल्ली : दिल्ली की राजनीतिक स्थिति में एक बार फिर से तीव्र टकराव देखने को मिला है। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि भाजपा मंत्री कपिल मिश्रा द्वारा फैलाया गया विवाद एक नकली वीडियो पर आधारित था, जिसकी सच्चाई अब फॉरेंसिक जांच में उजागर हो चुकी है। पार्टी का कहना है कि दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष द्वारा कराई गई फॉरेंसिक जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि विवादित वीडियो में 'गुरु' शब्द का कहीं भी उल्लेख नहीं किया गया।


पंजाब और दिल्ली की समान निष्कर्ष

पंजाब और दिल्ली, दोनों जांचों में एक जैसे निष्कर्ष
आप के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इससे पहले पंजाब पुलिस की फॉरेंसिक जांच भी यही साबित कर चुकी है कि नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने वीडियो में ऐसा कोई शब्द नहीं कहा। उनके अनुसार, दो अलग-अलग जांच एजेंसियों की रिपोर्ट आने के बाद यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि आरोप निराधार थे और जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश की गई।


भाजपा पर कटाक्ष

प्रेस वार्ता में भाजपा पर तीखा तंज
शनिवार को आम आदमी पार्टी के मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सौरभ भारद्वाज ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पूरी कवायद का नतीजा कुछ भी नहीं निकला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने आधा-अधूरा सच पेश कर अपनी साख बचाने की कोशिश की। भारद्वाज ने दावा किया कि उन्होंने पहले ही अंदाजा लगा लिया था कि फॉरेंसिक रिपोर्ट में क्या सामने आने वाला है।


फॉरेंसिक जांच का उद्देश्य

फॉरेंसिक जांच का असली उद्देश्य क्या था
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि फॉरेंसिक जांच का एकमात्र उद्देश्य यह पता लगाना था कि वीडियो में वास्तव में कौन-से शब्द बोले गए थे। उनके मुताबिक, रिपोर्ट इस अहम सवाल पर चुप है, जो इस बात का संकेत है कि विवादित शब्द बोले ही नहीं गए। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति ध्यान से वीडियो को बार-बार सुने, तो भी उसे ऐसा कोई शब्द सुनाई नहीं देगा।


रिपोर्ट पर सवाल

सरकार पर दबाव में रिपोर्ट मंगवाने का आरोप
आप नेता ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार ने केंद्र के अधीन आने वाली फॉरेंसिक व्यवस्था से रिपोर्ट मंगवाकर तथ्यों को घुमाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि विधानसभा के पास अपनी कोई फॉरेंसिक लैब नहीं है, इसलिए रिपोर्ट जिस एजेंसी से आई, वह या तो केंद्र सरकार या दिल्ली पुलिस के अंतर्गत आती है। इसके बावजूद, रिपोर्ट भी भाजपा के दावों की पुष्टि नहीं कर सकी।


वीडियो को सार्वजनिक करने की चेतावनी

वीडियो को सार्वजनिक रूप से दिखाने की चेतावनी
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आम आदमी पार्टी इस वीडियो को सार्वजनिक मंचों पर दिखाकर भाजपा की सच्चाई जनता के सामने रखेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां कोई मुद्दा नहीं होता, वहां जानबूझकर सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश की जाती है। उनके अनुसार, अब यह प्रयास अलग-अलग समुदायों के बीच अविश्वास फैलाने की दिशा में बढ़ रहा है।


विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका पर सवाल

विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका पर भी उठे सवाल
प्रेस वार्ता के दौरान सौरभ भारद्वाज ने विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि स्पीकर का दायित्व निष्पक्ष रहना होता है, लेकिन इस मामले में राजनीतिक भाषा का प्रयोग किया गया, जो पद की गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार के पास कोई ठोस तथ्य थे, तो उसे स्वयं सामने आकर जवाब देना चाहिए था।


कपिल मिश्रा पर कार्रवाई की मांग

कपिल मिश्रा पर कार्रवाई की मांग
आप नेता ने अंत में भाजपा से मांग की कि कपिल मिश्रा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें मंत्री पद से हटाया जाए। उन्होंने कहा कि दो-दो फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद भी यदि भाजपा सच्चाई स्वीकार नहीं करती, तो यह जनता की समझ का अपमान होगा। पार्टी ने यह भी चुनौती दी कि अगर भाजपा में हिम्मत है, तो वह पूरी फॉरेंसिक रिपोर्ट अदालत में पेश करे। यह मामला अब केवल एक वीडियो विवाद नहीं, बल्कि राजनीतिक मर्यादा, धार्मिक संवेदनशीलता और सत्ता की जिम्मेदारी से जुड़ा बड़ा सवाल बन चुका है।