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दिल्ली पुलिस का ऑपरेशन मिलाप: लापता किशोरी की सुरक्षित बरामदगी में मिली सफलता

दिल्ली पुलिस ने ऑपरेशन मिलाप के तहत एक 17 वर्षीय लापता किशोरी को सुरक्षित बरामद किया है। यह कार्रवाई बाहरी उत्तरी जिले की मानव तस्करी निरोधक इकाई द्वारा की गई, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। किशोरी की गुमशुदगी की प्राथमिकी अलीपुर थाने में दर्ज की गई थी। पुलिस की सक्रियता और समर्पण ने इस मामले में सफलता दिलाई है, जो लापता बच्चों की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
 

दिल्ली में लापता बच्चों की खोज में पुलिस की सक्रियता


नई दिल्ली: दिल्ली में लापता बच्चों की खोज के लिए पुलिस की मुहिम लगातार जारी है। इसी क्रम में, बाहरी उत्तरी जिले की मानव तस्करी निरोधक इकाई (एएचटीयू) ने ऑपरेशन मिलाप के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने 12 अक्टूबर 2026 को 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी को सुरक्षित रूप से बरामद किया। यह कार्रवाई पुलिस की सक्रियता और लापता बच्चों की खोज के अभियान की महत्ता को दर्शाती है।


गुमशुदगी की प्राथमिकी और पुलिस की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, किशोरी के लापता होने की रिपोर्ट 11 अक्टूबर 2026 को अलीपुर थाने में दर्ज की गई थी। यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत दर्ज किया गया। किशोरी की खोज के लिए पुलिस ने तत्परता से प्रयास किए और एएचटीयू ने ऑपरेशन मिलाप के तहत कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप किशोरी को सुरक्षित बरामद किया गया।


वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में अभियान

यह अभियान उत्तरी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय कुमार के निर्देशों के तहत चलाया गया। बाहरी उत्तर जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त लोकेश्वरन आर. के मार्गदर्शन में और मानव तस्करी निरोधक इकाई के प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार की देखरेख में यह कार्रवाई की गई।


पुलिस टीम की मेहनत और समर्पण

किशोरी की सुरक्षित बरामदगी पुलिस टीम के समर्पण और पेशेवर कार्यशैली का परिणाम है। एएचटीयू लापता बच्चों को खोजने और उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। ऑपरेशन मिलाप के तहत की गई यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।


टीम के सदस्यों की भूमिका

किशोरी की खोज में शामिल टीम में सहायक उपनिरीक्षक संजय, महिला हेड कांस्टेबल सुमन, महिला हेड कांस्टेबल सीमा और हेड कांस्टेबल नितेश शामिल थे। इन सदस्यों ने समर्पण और समन्वय के साथ किशोरी को खोजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


बच्चों की सुरक्षा पर जोर

लापता बच्चों की खोज पुलिस के लिए एक संवेदनशील कार्य है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और समन्वय बेहद आवश्यक होते हैं। बाहरी उत्तर जिले की एएचटीयू टीम की इस सफलता ने एक बार फिर साबित किया है कि पुलिस लापता बच्चों की सुरक्षित बरामदगी के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।