दिल्ली पुलिस ने दिखाई मानवता: घायल युवक को बचाने में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
दिल्ली में मानवता की मिसाल
नई दिल्ली: दिल्ली यातायात पुलिस ने एक बार फिर से अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठा और मानवता का परिचय दिया है। दिल्ली-देहरादून राजमार्ग पर एक युवक चीनी मांझे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। युवक की गर्दन पर गहरी चोट आई, और वह दर्द से कराह रहा था। मौके पर मौजूद यातायात पुलिसकर्मियों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाने में मदद की, जिससे उसे समय पर चिकित्सा मिल सकी।
घायल युवक को टैक्सी से अस्पताल पहुँचाया गया
सूत्रों के अनुसार, भजनपुरा यातायात सर्किल में तैनात सहायक उपनिरीक्षक महेंद्र, हेड कांस्टेबल अरुण, कांस्टेबल पुष्पेंद्र और कांस्टेबल नितिन ने घायल युवक को देखकर तुरंत सहायता की। एंबुलेंस का इंतजार करने के बजाय, उन्होंने तुरंत टैक्सी बुलाई और घायल को जेपीसी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे आवश्यक चिकित्सा सहायता प्राप्त हुई।
घायल युवक की पहचान
घायल युवक की पहचान गाजियाबाद के लोनी देहात के निवासी राकेश कुमार के रूप में हुई है। पुलिसकर्मियों की तत्परता और सूझबूझ ने इस आपात स्थिति में महत्वपूर्ण समय बचाने में मदद की। उनकी इस पहल ने यह साबित किया कि वर्दी केवल कानून-व्यवस्था की पहचान नहीं है, बल्कि जरूरत के समय मानवता का सहारा भी है।
चीनी मांझे से दूर रहने की अपील
पूर्वी क्षेत्र की यातायात पुलिस उपायुक्त श्वेता सिंह चौहान ने इस घटना के माध्यम से नागरिकों से अपील की है कि वे प्रतिबंधित चीनी मांझे के उपयोग, बिक्री, भंडारण और कब्जे से दूर रहें। धारदार चीनी मांझा राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए जानलेवा हो सकता है, जिससे गंभीर चोटें लगने और अनमोल जीवन का खतरा बढ़ सकता है। संदेश स्पष्ट है: चीनी मांझे से दूरी बनाना, जीवन की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। यातायात पुलिस ने नागरिकों से सहयोग की अपील की है ताकि सड़कें सुरक्षित रह सकें।