दिल्ली पुलिस ने नीरज बवाना गैंग के दो सदस्यों को किया गिरफ्तार, बरामद हुए अवैध हथियार
दिल्ली में गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
नई दिल्ली: दिल्ली में अपराध की दुनिया में सक्रिय नीरज बवाना और नवीन उर्फ बाली गैंग के खिलाफ पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। बाहरी उत्तरी जिला पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने अलीपुर क्षेत्र में घेराबंदी कर गैंग से जुड़े दो युवकों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, ये दोनों आरोपी किसी गंभीर आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे, लेकिन पुलिस ने समय रहते उनकी योजना को विफल कर दिया। तलाशी के दौरान, उनके पास से पांच अवैध हथियार और 13 जिंदा कारतूस बरामद हुए।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
बाहरी उत्तरी जिला के डीसीपी शोभित डी सक्सेना ने बताया कि 2 नवंबर को स्पेशल स्टाफ को गुप्त सूचना मिली थी कि नीरज बवाना/नवीन उर्फ बाली गैंग के दो सहयोगी अलीपुर क्षेत्र से गुजरने वाले हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने संदिग्ध रास्ते पर रणनीतिक तरीके से घेराबंदी की और दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया।
हथियारों का जखीरा बरामद
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कपिल ठाकरान, जो गांव नांगल ठाकरान, दिल्ली का निवासी है, और 19 वर्षीय अरुण उर्फ बॉबी, जो गांव ब्राह्मण गढ़ी, सोनीपत, हरियाणा का निवासी है, के रूप में हुई है। तलाशी में दो सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, तीन देसी पिस्टल और 13 जिंदा कारतूस मिले। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि अरुण उर्फ बॉबी पहले भी हरियाणा के सोनीपत में शस्त्र अधिनियम के एक मामले में शामिल रहा है। इस मामले में 3 नवंबर को थाना अलीपुर में प्राथमिकी संख्या 640/26 के तहत शस्त्र अधिनियम की धारा 25 में मुकदमा दर्ज किया गया है। पूछताछ में दोनों ने नीरज बवाना/नवीन उर्फ बाली गैंग से संबंध होने की पुष्टि की है।
पुलिस की कार्रवाई का नेतृत्व
इन पुलिसकर्मियों ने संभाला मोर्चा
यह पूरी कार्रवाई पुलिस उपायुक्त शोभित डी. सक्सेना के मार्गदर्शन में और वरिष्ठ अधिकारी दिनेश कुमार की निगरानी में की गई। स्पेशल स्टाफ के प्रभारी निरीक्षक विश्वेंद्र चौधरी के नेतृत्व में उपनिरीक्षक विशाल मलिक, सहायक उपनिरीक्षक राजबीर, हेड कांस्टेबल दिनेश, सतेंद्र, रोबिन, नवीन और रवि की टीम ने इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
पुलिस की आगे की जांच
हथियारों की सप्लाई चेन खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये हथियार कहां से खरीदे गए थे और इन्हें किसे पहुंचाया जाना था। गैंग के अन्य सदस्यों और अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त करने वाले नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।