दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का किया पर्दाफाश, 6 गिरफ्तार
साइबर ठगी का जाल: पुलिस ने खोला बड़ा मामला
नई दिल्ली: साइबर ठगी के मामले में एक जटिल नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें फर्जी कंपनियों और बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया। ठगी की रकम एक खाते से दूसरे खाते में स्थानांतरित होकर नकदी में बदल जाती थी। लेकिन इस बार द्वारका जिला पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने इस मामले का अंत किया।
पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी के एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में 89 शिकायतों और लगभग 83 करोड़ रुपये की ठगी से संबंधित जानकारी मिली है।
द्वारका जिले के डीसीपी कुशल पाल सिंह के नेतृत्व में स्पेशल स्टाफ ने आरोपियों के पास से 109 चेकबुक, 12 मोबाइल फोन, बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज और नकद जमा पर्चियां बरामद की हैं। इसके अलावा, पुलिस ने 1 करोड़ 14 लाख रुपये की संदिग्ध राशि को भी रोक लिया है।
जांच की शुरुआत
यह मामला राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के वित्तीय विश्लेषण से शुरू हुआ। पुलिस ने एक संदिग्ध खाते पर ध्यान केंद्रित किया, जिसमें विभिन्न राज्यों से ठगी की रकम आ रही थी।
स्पेशल स्टाफ ने बैंक खातों और फर्जी फर्मों के बीच संबंधों को जोड़ना शुरू किया, जिससे पूरा नेटवर्क सामने आया।
मुख्य आरोपी की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों में चेतन सहरावत, शक्ति गुर्जर, धर्मेंद्र कुमार, तरुण, दीपक और गौरव कादियान शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, चेतन इस गिरोह का मुख्य संचालक था।
आरोपियों ने बताया कि वे विभिन्न नामों से फर्म और बैंक खाते खुलवाते थे, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया जाता था।
ठगी का तरीका
गिरोह का एक शातिर तरीका था कि वे लोगों को नौकरी का झांसा देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। इन खातों का उपयोग साइबर ठगी के लिए किया जाता था।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे।
मुख्य हैंडलर की गिरफ्तारी
जैसे ही चेतन को पुलिस कार्रवाई की भनक लगी, वह थाईलैंड भाग गया। लेकिन पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया।
दूसरी ओर, आरोपी तरुण भी दुबई भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस ने उसे मुंबई एयरपोर्ट पर पकड़ लिया।
बैंक स्टेटमेंट से खुलासा
पुलिस ने बरामद बैंक खातों के स्टेटमेंट की जांच की, जिसमें करोड़ों रुपये के लेन-देन का पता चला। कई खातों में समान प्रेषक और लाभार्थी पाए गए।
पुलिस अब मनी ट्रेल का पता लगाने में जुटी है।
क्रिप्टोकरेंसी का भी जिक्र
पूछताछ में चेतन ने क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े लेन-देन में शामिल होने की बात कही है। पुलिस अब डिजिटल लेन-देन की जांच कर रही है।
अगले कदम
पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना है।