दिल्ली में अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ नगर निगम की सख्त कार्रवाई
दिल्ली में अवैध निर्माणों पर कड़ी नजर
नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम ने अनधिकृत निर्माणों और खतरनाक भवनों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को तेज कर दिया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माणों पर कड़ी नजर रखते हुए, निगम ने दो दिनों में 49 भवनों को ध्वस्त किया और 15 संपत्तियों को सील कर दिया। यह अभियान शहर के सभी 12 जोनों में चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य अवैध निर्माणों पर रोक लगाना और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
सख्त कार्रवाई का सिलसिला
दो दिन, दो बड़ी कार्रवाई, उल्लंघन करने वालों पर सख्ती
नगर निगम द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 14 अक्टूबर को 26 भवनों को ध्वस्त किया गया और आठ संपत्तियों को सील किया गया। इससे पहले, 13 अक्टूबर को 23 भवनों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई थी और सात संपत्तियों को सील किया गया। इस प्रकार, लगातार दो दिनों तक चलाए गए इस अभियान में निगम ने अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ अपनी सख्ती दिखाई है।
बुलडोजर की कार्रवाई विभिन्न क्षेत्रों में
कई इलाकों में चला बुलडोजर
बुधवार को किए गए इस अभियान के तहत पहाड़गंज, सीतिपुरा, करोल बाग और निमड़ी कॉलोनी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। निगम की टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में निर्माण संबंधी नियमों के उल्लंघन की निगरानी कर रही हैं। जहां भी अनधिकृत निर्माण या नियमों की अनदेखी की जा रही है, वहां कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं
नियमों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
दिल्ली नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि मास्टर प्लान दिल्ली और भवन उपनियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा। संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों को निगरानी को मजबूत करने और चिन्हित उल्लंघनों पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
निगम के अनुसार, यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। खतरनाक भवनों, अवैध निर्माणों और जनसुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाले उल्लंघनों के खिलाफ कार्रवाई कर राजधानी में सुरक्षित और नियमानुसार भवन निर्माण व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा।