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दिल्ली में अवैध निर्माण पर नगर निगम की सख्त कार्रवाई: क्या सभी इमारतें होंगी सुरक्षित?

दिल्ली में नगर निगम ने हाल ही में अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के बाद, गांधीनगर और विनोद नगर में अवैध इमारतों को ध्वस्त किया गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई इमारतों में इसी तरह की अनियमितताएं हैं। क्या नगर निगम का यह अभियान सभी अवैध निर्माणों तक पहुंचेगा? जानें पूरी कहानी इस लेख में।
 

नगर निगम का अभियान तेज


नई दिल्ली: सत्य निकेतन बिल्डिंग दुर्घटना के बाद, दिल्ली में अवैध और असुरक्षित निर्माण के खिलाफ नगर निगम की मुहिम तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में, पूर्वी दिल्ली के गांधीनगर और ईस्ट विनोद नगर में नगर निगम ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बुलडोजर और हथौड़ा चलाया।


गांधीनगर में हाल ही में बनी इमारत पर कार्रवाई

गांधीनगर क्षेत्र में, नगर निगम की टीम ने एक ऐसी इमारत को निशाना बनाया, जिसका निर्माण कथित तौर पर बिना स्वीकृत नक्शे के किया गया था। यह इमारत हाल ही में पूरी हुई थी। निरीक्षण के दौरान, भवन में कई अनियमितताएं और निर्माण संबंधी खामियां पाई गईं। इसके बाद निगम ने अवैध हिस्से को ध्वस्त कर दिया।


विनोद नगर में अवैध पांचवीं मंजिल का ध्वस्तीकरण

ईस्ट विनोद नगर में, लगभग 20 साल पुरानी चार मंजिला इमारत पर अवैध रूप से बनाई गई पांचवीं मंजिल को भी नगर निगम ने तोड़ दिया। निगम के अनुसार, अवैध निर्माण की शिकायत मिलने पर संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया गया था। कार्रवाई पूरी होने के बाद, आज अवैध हिस्से को ध्वस्त कर दिया गया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह अतिरिक्त मंजिल एक बिल्डर द्वारा बनाई जा रही थी। निर्माण के दौरान, फ्लैट में रहने वाले लोगों ने इसका विरोध किया, जिससे विवाद बढ़ गया और मारपीट की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस मामले की शिकायत पुलिस और नगर निगम दोनों से की गई थी। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध निर्माण कराने वाला बिल्डर अभी भी सक्रिय है, लेकिन जिस पांचवीं मंजिल को लेकर विवाद था, उस पर निगम का हथौड़ा चल गया।


क्या सभी अवैध निर्माण पर होगी कार्रवाई?

विनोद नगर के स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई इमारतों में इसी तरह की अतिरिक्त मंजिलें बनाई गई हैं। ऐसे में, नगर निगम की कार्रवाई के बाद यह सवाल उठता है कि क्या आने वाले दिनों में अन्य अवैध निर्माणों पर भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी या यह अभियान कुछ चुनिंदा इमारतों तक सीमित रहेगा। सत्य निकेतन हादसे के बाद, दिल्ली में भवनों की सुरक्षा और अवैध निर्माण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। गांधीनगर और विनोद नगर में की गई यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि निगम अब अवैध निर्माण के खिलाफ अपनी कार्रवाई का दायरा बढ़ाने की योजना बना रहा है।