दिल्ली में धार्मिक सामग्री के प्रबंधन के लिए नई पहल: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का महत्वपूर्ण कदम
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की पहल से शुरू हुआ नया अभियान
नई दिल्ली: दिल्ली में धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए पर्यावरण की सुरक्षा के लिए एक नई योजना शुरू की गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में, दिल्ली नगर निगम और प्लास्टइंडिया फाउंडेशन ने मिलकर एक ऐसा कार्यक्रम तैयार किया है, जिसके तहत खंडित मूर्तियों और पूजा सामग्री को सड़कों, जल निकायों और खुले स्थानों पर छोड़ने की आवश्यकता नहीं होगी। इस योजना के पहले चरण में, निगम के विभिन्न वार्डों में 250 मूर्ति संग्रहण कियोस्क स्थापित किए जाएंगे, जिनमें से 60 कियोस्क पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं।
संग्रहण केंद्रों का महत्व
मुख्यमंत्री कार्यालय में हुए इस समझौते के अनुसार, नागरिक धार्मिक अनुष्ठानों के बाद खंडित मूर्तियों और पूजा सामग्री को निर्धारित संग्रहण केंद्रों पर जमा कर सकेंगे। इसके बाद, सामग्री का पृथक्करण किया जाएगा और उचित निस्तारण तथा पुनर्चक्रण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इस पहल का उद्देश्य धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाए बिना सार्वजनिक स्थलों और जल निकायों को प्रदूषण से बचाना है।
पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति और जीव-जगत का सम्मान करना सिखाया जाता है। उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे खंडित मूर्तियों और पूजा सामग्री को इधर-उधर फेंकने के बजाय निर्धारित संग्रहण केंद्रों पर जमा करें। उनका मानना है कि हर नागरिक की छोटी-सी पहल राजधानी को स्वच्छ और हरित बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।
नगर निगम की जिम्मेदारी
समझौते के अनुसार, कियोस्क के हस्तांतरण के बाद उनके दैनिक संचालन, सफाई, रखरखाव, कर्मचारियों की तैनाती और एकत्रित सामग्री को अधिकृत स्थलों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी नगर निगम और संबंधित प्राधिकरणों की होगी। प्लास्टइंडिया फाउंडेशन के चेयरमैन आलोक टिबरेवाला ने बताया कि फाउंडेशन ने कियोस्क का विकास, आपूर्ति और स्थापना निःशुल्क की है।
मेयर की अपील
मेयर प्रवेश वाही ने इसे धार्मिक सामग्री के उचित प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए नागरिकों से इस अभियान में सहयोग की अपील की। कार्यक्रम में निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा, नेता सदन जयभगवान यादव, निगम आयुक्त संजीव खिरवार और संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।