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दिल्ली में नकली करेंसी के कारोबार में बड़ा खुलासा: आरोपी को मिली कठोर सजा

दिल्ली में स्पेशल सेल ने नकली भारतीय करेंसी के कारोबार में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। प्रशांत कुमार को अदालत ने दोषी ठहराते हुए कठोर सजा सुनाई है। इस मामले में 2 लाख रुपये की नकली करेंसी बरामद की गई थी, और आरोपी के पास नकली नोट बनाने का पूरा सेटअप था। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और अदालत के फैसले के बारे में।
 

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का बड़ा ऑपरेशन


नई दिल्ली: दिल्ली में नकली भारतीय करेंसी के कारोबार पर स्पेशल सेल ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। आरोपी प्रशांत कुमार को नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया गया था, और अब उसे अदालत ने सजा सुनाई है। यह गिरफ्तारी 8 मई 2023 को महात्मा गांधी रोड के पास इंद्रप्रस्थ पार्क के समीप की गई थी। राउज एवेन्यू जिला अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए 17 सितंबर 2026 को सजा सुनाई।


गिरफ्तारी की प्रक्रिया और नकली करेंसी की बरामदगी

गिरफ्तारी और नकली करेंसी की बरामदगी


पुलिस के अनुसार, स्पेशल सेल को सूचना मिली थी कि इंद्रप्रस्थ पार्क के पास नकली भारतीय करेंसी की डिलीवरी होने वाली है। इस सूचना के आधार पर टीम ने घेराबंदी की और प्रशांत कुमार को पकड़ लिया। उसकी तलाशी के दौरान 2 लाख रुपये की नकली करेंसी बरामद हुई। इसके बाद, आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस ने गाजियाबाद के लोनी में उसके किराए के मकान पर छापा मारा।


नकली नोट बनाने का पूरा सेटअप

नकली नोट बनाने का पूरा सेटअप बरामद


जांच में पता चला कि उसके मकान में नकली नोट बनाने के लिए सभी आवश्यक उपकरण मौजूद थे। वहां से 2 लाख 72 हजार 500 रुपये मूल्य की नकली करेंसी, 500 और 200 रुपये के नकली नोटों के लिए छपे 182 ए-4 आकार के कागज, 35 रिम ए-4 जेके एक्सेल बॉंड पेपर, एक कैनन प्रिंटर और असली नोटों को स्कैन करने के लिए इस्तेमाल होने वाला कागज बरामद किया गया।


नकली करेंसी छापने की क्षमता

करीब 2 करोड़ रुपये की नकली करेंसी छापने की क्षमता


पुलिस के अनुसार, बरामद कागज से लगभग 2 करोड़ रुपये मूल्य की नकली करेंसी बनाई जा सकती थी। इस प्रकार, किराए के मकान में प्रिंटर के माध्यम से नकली नोटों का कारोबार चल रहा था, जिसे स्पेशल सेल ने समय रहते ध्वस्त कर दिया।


अदालत का फैसला

अदालत ने विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराया


अदालत ने 31 अगस्त 2026 को प्रशांत कुमार को भारतीय दंड संहिता की धारा 489ए, 489बी, 489सी, 489डी और 489ई(1) के तहत दोषी ठहराया। इसके बाद 17 सितंबर को उसे सजा सुनाई गई। धारा 489ए, 489बी और 489डी के तहत उसे 6 वर्ष का कठोर कारावास और 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। यदि जुर्माना नहीं भरा गया, तो एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।


अन्य धाराओं में सजा

अन्य धाराओं में सजा और जुर्माना


धारा 489सी के तहत उसे 4 वर्ष का कठोर कारावास और 2 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि धारा 489ई(1) के तहत 100 रुपये का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त साधारण कारावास का आदेश भी दिया गया। इस पूरे मामले में स्पेशल सेल की जांच के बाद आरोपी को कानून के तहत कठोर सजा मिली है।