दिल्ली में नशे और वसूली का बड़ा खुलासा: कुलदीप स्वामी गिरफ्तार
दिल्ली में नशे और वसूली का नेटवर्क
नई दिल्ली: दिल्ली में वसूली के पैसे और पंजाब से आने वाले नशे की खेप के बीच एक गहरा संबंध सामने आया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और गुजरात पुलिस की वडोदरा सिटी क्राइम ब्रांच ने मिलकर एक नार्को-एक्सटॉर्शन नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 31 वर्षीय कुलदीप स्वामी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह आरोपी गैंगस्टर रोहित गोदारा और महेंद्र डेलाना के नेटवर्क का हिस्सा था। उसके पास से लगभग 12 करोड़ रुपये मूल्य की दो किलो हेरोइन बरामद की गई है।
स्पेशल सेल के डीसीपी नारा चैतन्य ने बताया कि यह हेरोइन पाकिस्तान से आई थी और इसे कार के बूट में स्पेयर टायर के पास छिपाकर रखा गया था। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की गई मारुति स्विफ्ट डिजायर, दो मोबाइल फोन और हवाला लेन-देन के लिए एक करेंसी नोट भी बरामद किया है।
रंगदारी की धमकी से शुरू हुआ मामला
10 करोड़ की रंगदारी ने खोला राज
इस मामले की शुरुआत गुजरात में 10 करोड़ रुपये की रंगदारी की धमकी से हुई। वडोदरा क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि रंगदारी की पहली किस्त दिल्ली में भेजी जानी है। इसके बाद, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और गुजरात पुलिस ने मिलकर एक जाल बिछाया। एसीपी राहुल कुमार सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर राहुल कुमार, विनीत कुमार और अजीत सिंह की टीम ने 12 सितंबर को चांदनी चौक के पास कुलदीप स्वामी को गिरफ्तार किया। उसके पास से एक करेंसी नोट मिला, जो हवाला की रकम लेने वाले व्यक्ति की पहचान के लिए इस्तेमाल किया गया था।
गाड़ी में छिपा था नशा
पूछताछ में खुला कार का 'सीक्रेट चैम्बर'
पूछताछ के दौरान कुलदीप ने बताया कि उसकी कार में नशीले पदार्थ छिपाए गए हैं। पुलिस ने मौके पर जाकर उसकी कार की तलाशी ली, जहां बूट के स्पेयर टायर के पास से चार पैकेट हेरोइन बरामद हुए। इसके बाद स्पेशल सेल ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।
इंस्टाग्राम से जुड़ा नेटवर्क
इंस्टाग्राम से शुरू हुआ संपर्क फिर बना 'कूरियर'
पुलिस के अनुसार, कुलदीप राजस्थान के चूरू का निवासी है और पहले कृषि जिंसों का व्यापार करता था। 2022 में उसे भारी नुकसान हुआ और उसने महेंद्र डेलाना से इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क किया। इसके बाद उसे रंगदारी और मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क में शामिल किया गया। कुलदीप कथित तौर पर दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान में रंगदारी की रकम पहुंचाने का काम करता था।
नशे की डिलीवरी का पूरा चक्र
अमृतसर से दिल्ली तक नशे की 'डिलीवरी'
पुलिस के अनुसार, 5 सितंबर को कुलदीप अमृतसर गया था, जहां उसे दो किलो हेरोइन मिली। उसने इसे अपनी कार में छिपाकर दिल्ली लाया।
सुरक्षा के लिए कोडवर्ड का इस्तेमाल
कोडवर्ड और करेंसी नोट से होती थी पहचान
जांच में पता चला कि नेटवर्क के सदस्य इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर बातचीत करते थे। पहचान के लिए कोडवर्ड, लाइव लोकेशन और करेंसी नोट की तस्वीरों का उपयोग किया जाता था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।