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दिल्ली में पुलिस और जनता के बीच बेहतर तालमेल के लिए महत्वपूर्ण बैठक आयोजित

दिल्ली में बाहरी जिला पुलिस ने नागरिकों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में सांसद योगेंद्र चंदोलिया और अन्य अधिकारियों ने नागरिकों की समस्याओं पर चर्चा की। बैठक में महिला और बच्चों की सुरक्षा, अतिक्रमण, यातायात की समस्याओं और आरडब्ल्यूए की भूमिका पर जोर दिया गया। जानें इस बैठक में उठाए गए मुद्दे और उनके समाधान के लिए उठाए गए कदम।
 

नई दिल्ली में पुलिस और नागरिकों के बीच संवाद


नई दिल्ली: राजधानी में सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल सुनिश्चित करने के लिए बाहरी जिला पुलिस ने आम जनता और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के लिए कदम उठाए हैं। शुक्रवार को पितमपुरा पुलिस लाइंस में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता लोकसभा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने की, जबकि मुंडका विधानसभा क्षेत्र के विधायक गजेंद्र द्राल भी उपस्थित रहे। बैठक में पुलिस अधिकारियों के साथ विभिन्न सामाजिक और नागरिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को साझा किया।


बैठक में बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह, आईपीएस, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त प्रथम मनोज कुमार मीणा, सभी सहायक पुलिस आयुक्त, थाना प्रभारी, यातायात पुलिस के अधिकारी और समिति के 29 सहयोजित सदस्य शामिल हुए। समिति में व्यापारिक संगठनों, आरडब्ल्यूए, झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों, औद्योगिक इकाइयों, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अन्य नागरिक समूहों के प्रतिनिधियों की भागीदारी रही।


पुराने मुद्दों की समीक्षा और नए समाधान

पुराने मुद्दों की समीक्षा, नए समाधान पर जोर


बैठक की शुरुआत में सांसद योगेंद्र चंदोलिया का बाहरी जिला पुलिस की ओर से स्वागत किया गया। डीसीपी विक्रम सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों और समिति के सदस्यों का परिचय कराया। इसके बाद पिछली बैठक में उठाए गए मुद्दों पर की गई कार्रवाई और अनुपालन की समीक्षा की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नागरिकों द्वारा उठाई गई समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागों तक पहुंचाया जा रहा है।


महिला और बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान

महिला-बच्चों की सुरक्षा पर 'शिष्टाचार' का पहरा


बैठक में बाहरी जिला पुलिस की सामुदायिक पुलिसिंग और शिष्टाचार दल की गतिविधियों को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। पुलिस के अनुसार, शिष्टाचार दल सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चला रहा है। बस स्टैंड, स्कूलों, पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर नागरिकों से संवाद कर उन्हें व्यक्तिगत सुरक्षा और सतर्कता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य केवल घटनाओं के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि जागरूकता के माध्यम से अपराध की संभावनाओं को कम करना भी है।


अतिक्रमण और यातायात की समस्याएं

अतिक्रमण और यातायात बना बड़ा मुद्दा


बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने अपने क्षेत्रों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। इनमें रेहड़ी-पटरी बाजारों द्वारा किए जाने वाले अतिक्रमण, यातायात जाम, पार्किंग की समस्या और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे। डीसीपी ने बताया कि अतिक्रमण और अन्य नागरिक समस्याओं को लेकर सर्वे भी कराया जा रहा है। संबंधित समस्याओं की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया।


आरडब्ल्यूए की भूमिका को मजबूत करना

आरडब्ल्यूए की भूमिका होगी और मजबूत


बैठक में पुलिस और जनता के बीच संवाद को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि स्थानीय समस्याओं को समय रहते समझने और उनका समाधान तलाशने में आरडब्ल्यूए तथा अन्य सामुदायिक प्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक विशेष मंच तैयार करने का प्रस्ताव भी रखा गया। इसके माध्यम से बुजुर्ग नागरिक पुलिस अधिकारियों के साथ नियमित संवाद कर सकेंगे और अपनी सुरक्षा सुविधा तथा अन्य समस्याओं को सीधे सामने रख सकेंगे।


सांसद का समन्वय का संदेश

सांसद ने दिया बेहतर समन्वय का संदेश


सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने पुलिस, नागरिक प्रतिनिधियों और विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की नागरिक समस्याओं के प्रभावी समाधान और सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सभी पक्षों का मिलकर काम करना जरूरी है। बैठक में यह संदेश भी सामने आया कि सुरक्षित दिल्ली केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पुलिस, प्रशासन और जनता की साझी जिम्मेदारी है।