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दिल्ली में फरार अपराधियों की गिरफ्तारी: पुलिस ने महावीर एन्क्लेव में की कार्रवाई

दिल्ली में पुलिस ने महिला अपराध से जुड़े तीन फरार आरोपियों को महावीर एन्क्लेव से गिरफ्तार किया। ये आरोपी अदालत की सुनवाई से लगातार अनुपस्थित रह रहे थे, जिसके चलते उन्हें घोषित अपराधी करार दिया गया था। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की और तीनों को एक साथ पकड़ लिया। जानें इस पूरी घटना के बारे में विस्तार से।
 

दिल्ली में कानून से भाग रहे अपराधियों की गिरफ्तारी


नई दिल्ली: राजधानी में कानून से बचने की कोशिश कर रहे तीन आरोपियों को अंततः पुलिस ने पकड़ लिया। ये आरोपी महिला अपराध से जुड़े एक मामले में सुनवाई से लगातार अनुपस्थित रह रहे थे, जिसके चलते अदालत ने उन्हें घोषित अपराधी करार दिया था। इसके बाद द्वारका जिला पुलिस की एंटी-जेल बेल और घोषित अपराधी सेल ने उनकी खोज तेज कर दी। पुलिस को महावीर एन्क्लेव में छिपे होने की पुख्ता सूचना मिली और तीनों आरोपियों को एक साथ गिरफ्तार कर लिया गया। द्वारका जिला के डीसीपी कुशल पाल सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बलराम मेहतो (49), पंकज (30) और बृज किशोर (42) के रूप में हुई है। इन पर थाना डाबड़ी में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है। अदालत में बार-बार गैरहाजिर रहने के कारण इन्हें 26 फरवरी 2026 को द्वारका कोर्ट द्वारा घोषित अपराधी घोषित किया गया था।


गुप्त सूचना से मिली सफलता


द्वारका जिला पुलिस ने सक्रिय बदमाशों और घोषित अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया था। इसी दौरान 18 सितंबर 2026 को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि बलराम मेहतो, उसका बेटा पंकज और बृज किशोर डाबड़ी के महावीर एन्क्लेव में छिपे हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई की और इलाके को घेर लिया। उनकी योजना इतनी प्रभावी थी कि तीनों आरोपियों को भागने का कोई मौका नहीं मिला। पुलिस ने उन्हें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 35.1(डी) के तहत गिरफ्तार किया।


एक ही स्थान से तीनों की गिरफ्तारी


पुलिस के अनुसार, बलराम मेहतो, जो 49 वर्ष का है, महावीर एन्क्लेव पार्ट-2, दिल्ली का निवासी है। दूसरा आरोपी पंकज, जो बलराम का बेटा है, 30 वर्ष का है और वही पते पर रहता है। तीसरा आरोपी बृज किशोर, 42 वर्ष का, भी इसी क्षेत्र का निवासी है। पुलिस ने बताया कि तीनों का पूर्व में कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था, लेकिन अदालत की कार्यवाही से बचने के कारण उन्हें घोषित अपराधी घोषित किया गया था।


पुलिस की रणनीति ने दी सफलता


द्वारका जिला पुलिस ने बताया कि विशेष टीम लगातार उन आरोपियों की तलाश कर रही थी जो अदालत की प्रक्रिया से बचने के लिए अपने ठिकाने बदलते रहते हैं। इस मामले में भी पुलिस ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर आरोपियों की मौजूदगी की पुष्टि की और फिर योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। इस पूरी कार्रवाई में इंस्पेक्टर हरीश कुमार के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल राहुल यादव और हेड कांस्टेबल कुलवंत की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह अभियान द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह के निर्देश पर चलाया गया।