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दिल्ली में बीजेपी सरकार का एक साल: वादों की पूर्ति में क्या है स्थिति?

दिल्ली में बीजेपी सरकार ने अपने एक साल के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की हैं, लेकिन कई वादे अभी भी अधूरे हैं। जानें, सरकार ने मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं और अटल कैंटीन जैसी योजनाओं में क्या किया है और किन वादों को पूरा करने में अभी भी समय लगेगा। क्या रेखा गुप्ता सरकार अपने वादों को पूरा कर पाएगी? इस लेख में जानें।
 

दिल्ली में बीजेपी की वापसी

दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी ने लगभग 27 वर्षों के बाद सत्ता में वापसी की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में बनी इस सरकार ने अब एक वर्ष पूरा कर लिया है। विधानसभा चुनाव के दौरान, बीजेपी ने आम आदमी पार्टी और उसके नेता अरविंद केजरीवाल को चुनौती देते हुए कई महत्वपूर्ण वादे किए थे।


नई नीतियों का कार्यान्वयन

बीजेपी की प्रमुख योजनाएं

पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में मुफ्त बिजली और पानी, महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और यमुना नदी की सफाई जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दी थी। दिल्ली की जनता ने बीजेपी पर विश्वास जताते हुए स्पष्ट बहुमत दिया, जिसके बाद रेखा गुप्ता ने चुनावी वादों को लागू करने की दिशा में कदम उठाने शुरू कर दिए। सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक से ही योजनाओं को मंजूरी देना शुरू कर दिया।


मुफ्त बिजली और पानी

मुफ्त बिजली और पानी की सुविधा पिछली सरकार के समय से शुरू हुई थी, लेकिन बीजेपी ने इसे जारी रखने का निर्णय लिया। इससे लाखों लोगों को राहत मिली है और सरकार ने अपने इस वादे को निभाया है।


स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार

आयुष्मान आरोग्य मंदिर

स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में, सरकार ने मोहल्ला क्लीनिक की जगह आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित करने की योजना बनाई है। सरकार का लक्ष्य 1100 आरोग्य मंदिर बनाने का है, जिनमें से लगभग 370 केंद्र एक साल में शुरू किए जा चुके हैं। इन केंद्रों पर मरीजों को डॉक्टर से परामर्श, इलाज और जरूरी जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।


आयुष्मान भारत योजना का विस्तार

आयुष्मान भारत योजना

स्वास्थ्य क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम के तहत, दिल्ली सरकार ने केंद्र की आयुष्मान भारत योजना को लागू किया। इस योजना के तहत पात्र लोगों को पहले पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती थी, लेकिन अब दिल्ली सरकार ने इसे बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया है। अब तक लगभग 6.7 लाख लोगों को आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं।


अटल कैंटीन योजना

गरीबों के लिए भोजन

गरीबों को सस्ती दर पर भोजन उपलब्ध कराने के लिए अटल कैंटीन योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत झुग्गी-झोपड़ी और गरीब इलाकों में पांच रुपये में पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है। अब तक लगभग 71 अटल कैंटीन खोली जा चुकी हैं।


अधूरे वादे

हालांकि, कुछ वादे अभी भी अधूरे हैं। बीजेपी ने चुनाव के दौरान महिलाओं को साल में दो मुफ्त गैस सिलेंडर देने का वादा किया था, लेकिन इसका लाभ अभी तक लोगों तक नहीं पहुंचा है। इसी तरह, महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये देने की योजना भी अभी शुरू नहीं हो पाई है।


यमुना नदी की सफाई

पर्यावरण की चुनौतियां

यमुना नदी की सफाई भी सरकार के प्रमुख वादों में शामिल थी। इसके लिए एक व्यापक योजना तैयार की गई है, लेकिन अभी नदी पूरी तरह साफ नहीं हो सकी है।


वायु प्रदूषण की समस्या

दिल्ली में वायु प्रदूषण एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए नई बस सेवा और अन्य उपाय शुरू किए हैं, लेकिन प्रदूषण पर पूरी तरह नियंत्रण अभी संभव नहीं हो पाया है।


निष्कर्ष

कुल मिलाकर, रेखा गुप्ता सरकार ने अपने एक साल के कार्यकाल में कुछ महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू किया है, लेकिन कई बड़े वादे अभी भी अधूरे हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार अपने बाकी वादों को किस गति से पूरा करती है।