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दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस की नई साइकिल गश्त: जानें क्या है खास

दिल्ली में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पूर्वी जिला पुलिस ने साइकिल गश्त की नई पहल शुरू की है। इस अभियान में महिला पुलिसकर्मी गुलाबी साइकिलों पर गश्त करेंगी, जिससे महिलाओं में सुरक्षा का विश्वास बढ़ेगा। पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने इस मुहिम की शुरुआत की है, जिसमें संकरी गलियों और अंधेरे इलाकों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। जानें इस विशेष गश्त के बारे में और कैसे यह स्थानीय लोगों के साथ संवाद स्थापित करने में मदद करेगी।
 

नई पहल से बढ़ेगी सुरक्षा


नई दिल्ली: दिल्ली में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए पूर्वी जिला पुलिस ने एक नई पहल शुरू की है। अब संकरी गलियों, सुनसान रास्तों और अंधेरे इलाकों में पुलिस की साइकिल गश्त देखने को मिलेगी। इस विशेष मुहिम का नाम 'पैडलिंग के जरिए गश्त' रखा गया है, जिसके तहत पुलिसकर्मी उन स्थानों तक पहुंचेंगे जहां बड़े पुलिस वाहन नहीं जा सकते। इस अभियान में महिला पुलिसकर्मी भी गुलाबी साइकिलों के साथ शामिल होंगी।


पुलिस उपायुक्त ने संभाली कमान

पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने 15 अक्टूबर को इस अभियान की शुरुआत की। उनके नेतृत्व में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और बीट कर्मचारियों ने संजय झील तक रात में साइकिल से गश्त की। इस दौरान अंधेरे स्थानों, संकरी गलियों और घनी बस्तियों का निरीक्षण किया गया।


विशेष गश्त का कार्यक्रम

सप्ताह में दो बार होगी गश्त


यह विशेष गश्त सप्ताह में दो बार आयोजित की जाएगी, जिसमें अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त, थाना प्रभारी और बीट कर्मचारी शामिल होंगे। गश्त के लिए कल्याणपुरी, त्रिलोकपुरी, कोंडली, संजय झील और आसपास के क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। झुग्गी बस्तियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।


महिला पुलिसकर्मियों की भूमिका

गुलाबी साइकिलों पर महिला पुलिसकर्मी, सुरक्षा का संदेश


महिला पुलिसकर्मियों की भागीदारी इस अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू है। गुलाबी साइकिलों पर गश्त करने वाली महिला पुलिसकर्मियों की उपस्थिति महिलाओं और लड़कियों में सुरक्षा का विश्वास बढ़ाएगी। इसका उद्देश्य केवल अपराध को रोकना नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित करना और उनकी समस्याओं को समझना भी है।


गश्त के मार्ग का निर्धारण

अपराध के आंकड़ों से तय होंगे गश्त के रास्ते


गश्त के मार्ग और समय पिछले एक वर्ष के अपराध संबंधी आंकड़ों और रुझानों के विश्लेषण के आधार पर निर्धारित किए गए हैं। स्थानीय सूचनाओं और नागरिकों के सुझावों के अनुसार इनकी समय-समय पर समीक्षा की जाएगी। पूर्वी जिला पुलिस का संदेश स्पष्ट है कि अब कोई गली पुलिस की निगरानी से दूर नहीं रहेगी।