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दिल्ली में रंगदारी के मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को किया गिरफ्तार

दिल्ली में पुलिस ने नजफगढ़ स्थित भावना मेडिकोज फायरिंग मामले में रंगदारी के आरोप में छह व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पांच करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग और हमलावरों की भर्ती से जुड़े कई पहलुओं का खुलासा हुआ है। पुलिस ने अवैध हथियारों की बरामदगी के साथ-साथ आरोपियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। जानें इस मामले की पूरी कहानी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
 

दिल्ली में फायरिंग की साजिश का खुलासा


नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नजफगढ़ में हुई भावना मेडिकोज फायरिंग के मामले में रंगदारी के आरोप में छह व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में पांच करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग से जुड़े कई पहलुओं का खुलासा हुआ है, जिसमें हथियारों की खरीद, पैसे का इंतजाम, हमलावरों की भर्ती और वारदात को अंजाम देने की योजना शामिल है। जांच में गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू और जर्मनी में रहने वाले नवीन देशवाल के बीच के संबंधों की भी जांच की जा रही है।


घटना का विवरण


विशेष पुलिस आयुक्त हरगोबिंदर सिंह धालीवाल ने बताया कि 19 सितंबर की रात लगभग साढ़े आठ बजे, नजफगढ़ के नया बाजार में भावना मेडिकोज पर दो मोटरसाइकिल सवार पहुंचे। इनमें से एक ने दुकान पर मौजूद संजय कुमार रोहिल्ला को निशाना बनाकर गोली चलाई, लेकिन वह बच गए। इसके बाद दोनों फरार हो गए। जांच में संपत्ति के विवाद और रंगदारी की मांग का मामला सामने आया है।


गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका


क्राइम ब्रांच ने आशीव राठी उर्फ आशु, मनजीत, हरि प्रकाश उर्फ काला, ज्योति प्रकाश उर्फ बाबा, राहुल और साहिल उर्फ पिंटू को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि आशीव पर अवैध हथियार जुटाने, मनजीत पर हथियारों के लिए पैसे की व्यवस्था करने और साहिल पर हमलावरों की भर्ती करने का आरोप है। हरि प्रकाश पर गोली चलाने और राहुल पर मोटरसाइकिल चलाने का आरोप है। ज्योति प्रकाश की भूमिका भी जांच के दायरे में है।


बरामदगी और जांच प्रक्रिया


पुलिस ने एक पिस्तौल, तीन कारतूस और अन्य सुराग बरामद किए हैं। राहुल से संबंधित एक किआ सोनेट कार भी मिली है, लेकिन गोली चलाने में इस्तेमाल हथियार अभी तक बरामद नहीं हुआ है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के बयानों, मोबाइल फोन, वित्तीय लेनदेन और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। यह कार्रवाई निरीक्षक रामपाल के नेतृत्व में की गई है, जिसमें उपनिरीक्षक अमित कुमार, संजीत राठी, मुकेश सिंह और अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं। अभियान की निगरानी सहायक पुलिस आयुक्त उमेश बार्थवाल और पुलिस उपायुक्त चंद्र कुमार सिंह कर रहे हैं।