दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, क्या है कारण?
दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
नई दिल्ली: इस सप्ताहांत दिल्ली में संभावित विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को सख्त किया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार और रविवार को बड़े पैमाने पर प्रदर्शन होने की संभावना है। पुलिस के खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, अन्य राज्यों और आस-पास के शहरों से लगभग 50,000 लोग दिल्ली पहुंच सकते हैं। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए, दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की योजना
विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) भी इस प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं। इन संगठनों ने शनिवार को जंतर-मंतर पर धरने का आह्वान किया है, और अन्य विपक्षी दलों के भी इसमें शामिल होने की संभावना है।
हालांकि, मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने इस क्षेत्र में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत लागू निषेधात्मक आदेशों का हवाला दिया है, जिसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
सुरक्षा बलों की तैनाती
प्रदर्शनकारियों की संभावित भीड़ को देखते हुए लगभग 23,000 केंद्रीय सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की योजना बनाई गई है। जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से सीआरपीएफ की कंपनियों को भी बुलाया जा रहा है। महिला प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए, पांच महिला अर्धसैनिक कंपनियों को भी तैनात किया जाएगा। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कुल संख्या लगभग 26,000 तक पहुंचने की उम्मीद है। नई दिल्ली जिले में फिलहाल लगभग 5,000 पुलिसकर्मी तैनात हैं, और आवश्यकता पड़ने पर इनकी संख्या 15,000 तक बढ़ाई जा सकती है।
सड़कों पर बैरिकेडिंग और निगरानी
जंतर-मंतर और संसद की ओर जाने वाले रास्तों पर कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की जा रही है। राजघाट समेत कुछ क्षेत्रों में भी प्रतिबंधात्मक आदेश लागू हैं। पुलिस दिल्ली की सीमाओं पर आने-जाने वाले वाहनों और बड़े समूहों पर नजर रखेगी।
प्रशासन ने शराब की दुकानों को बंद रखने और केंद्रीय दिल्ली के होटलों में बुकिंग पर नियंत्रण जैसे कदम उठाने का अनुरोध किया है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इन उपायों का उद्देश्य संवेदनशील क्षेत्रों में भीड़ को नियंत्रित करना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।