दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव: एआईएसए-एसएफआई गठबंधन ने उठाए प्रमुख मुद्दे
प्रेस वार्ता में उठे छात्र मुद्दे
नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव के संदर्भ में एआईएसए और एसएफआई के गठबंधन ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित की। इस दौरान उन्होंने अपने प्रगतिशील पैनल के एजेंडे और चुनावी मुद्दों को साझा किया। गठबंधन के नेताओं ने बताया कि छात्र हित, जवाबदेही, कैंपस सुरक्षा और समान अवसर उनके प्राथमिक मुद्दे होंगे।
अंजलि का बयान: आंदोलनों की पृष्ठभूमि
एआईएसए की दिल्ली इकाई की सचिव अंजलि ने कहा कि इस बार का चुनाव जंतर-मंतर और सत्य निकेतन आंदोलनों की पृष्ठभूमि में हो रहा है। उन्होंने बताया कि इन आंदोलनों में प्रगतिशील छात्र संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिसका चुनाव में उन्हें लाभ मिलेगा।
अनन्या का वक्तव्य: अध्यक्ष पद की उम्मीदवार
गठबंधन की अध्यक्ष पद की उम्मीदवार अनन्या ने सत्य निकेतन हादसे का उल्लेख करते हुए कहा कि वह उत्तराखंड से हैं और वहां के छात्रों की स्थिति को अच्छी तरह से जानती हैं। उन्होंने कहा कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग छात्रों के बीच उठाई जाएगी।
अक्षत शिखर का अनुभव: उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार
उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार अक्षत शिखर ने अपने छात्र आंदोलन से जुड़ने की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि वह प्रयागराज से हैं और 2026 में नीट परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम के बाद जंतर-मंतर के छात्र आंदोलन से जुड़े। उन्होंने छात्र अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया।
स्टैंजिन डेस्क्योंग का अनुभव: सचिव पद की उम्मीदवार
सचिव पद की उम्मीदवार स्टैंजिन डेस्क्योंग ने कहा कि वह लद्दाख के एक गांव से हैं और रामजस छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष रह चुकी हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कॉलेज में यौन उत्पीड़न के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व किया और कैंपस को सुरक्षित और समावेशी बनाने की बात की।
बी. परिजात का बयान: संयुक्त सचिव पद के उम्मीदवार
संयुक्त सचिव पद के उम्मीदवार बी. परिजात ने खुद को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान परिवार से बताया और सत्य निकेतन हादसे पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस घटना ने छात्रों की सुरक्षा और संस्थागत जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
नादिया की अपील: एसएफआई अध्यक्ष
प्रेस वार्ता के अंत में एसएफआई दिल्ली की अध्यक्ष नादिया ने कहा कि आगामी चुनाव में छात्र राजनीति के मुद्दों में बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों से एआईएसए-एसएफआई गठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने की अपील की।