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नया नोएडा: अबू धाबी मॉडल पर विकसित होने वाला अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक शहर

नया नोएडा, दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र के तहत विकसित किया जा रहा है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर का औद्योगिक शहर बनाने की योजना है। इस परियोजना में लगभग तीन हजार औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की जाएगी, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा, जल प्रबंधन और आवासीय योजनाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। जानें इस महत्वाकांक्षी परियोजना के बारे में और कैसे यह क्षेत्र के विकास में योगदान देगा।
 

नया औद्योगिक शहर बनाने की योजना


दादरी, नोएडा और गाजियाबाद के क्षेत्रों को मिलाकर विकसित किए जा रहे दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (डीएनजीआइआर) के अंतर्गत 'नया नोएडा' को एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का औद्योगिक केंद्र बनाने की योजना बनाई गई है। इसे अबू धाबी के औद्योगिक क्षेत्र के मॉडल पर विकसित किया जाएगा।


औद्योगिक इकाइयों की स्थापना

इस योजना के तहत लगभग तीन हजार औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की जाएगी, जिससे रोजगार के बड़े अवसर उत्पन्न होने की संभावना है। नया नोएडा लगभग छह लाख की जनसंख्या के लिए डिज़ाइन किया जा रहा है, जिसमें लगभग 3.5 लाख प्रवासी श्रमिक शामिल होंगे, जो औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों में कार्य करेंगे।


शहर की जल आपूर्ति के लिए 300 एमएलडी पानी की व्यवस्था की जाएगी, जो गंगाजल और भूमिगत जल के मिश्रण से प्राप्त होगा। इसके लिए नलकूप, जलाशय और अन्य जल संरचनाओं की विस्तृत योजना बनाई जा रही है।


जल प्रबंधन की योजना

पानी के उपयोग के लिए एक स्पष्ट योजना बनाई गई है। कुल 300 एमएलडी पानी में से लगभग 212 एमएलडी औद्योगिक उपयोग के लिए और 85 एमएलडी घरेलू उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। दूषित पानी को साफ करने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किए जाएंगे, जिससे पानी का पुनः उपयोग संभव हो सके।


भूमि अधिग्रहण और आवासीय योजनाएं

नया नोएडा बनाने के लिए बुलंदशहर और दादरी के लगभग 80 गांवों की भूमि का अधिग्रहण लैंड पूलिंग नीति के माध्यम से किया जाएगा। इस परियोजना का कुल क्षेत्रफल लगभग 21 हजार हेक्टेयर होगा, जिसमें से 8811 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक गतिविधियों के लिए निर्धारित की गई है।


लोगों के रहने के लिए चार श्रेणियों- ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी और एचआईजी के मकान बनाए जाएंगे। इन आवासों को विभिन्न आय वर्ग के लोगों के लिए टाइप-1, टाइप-2 और टाइप-3 मॉडल में विकसित किया जाएगा।


मास्टर प्लान का विवरण

मास्टर प्लान के अनुसार, लगभग 2477 हेक्टेयर क्षेत्र आवासीय उपयोग के लिए और 905.97 हेक्टेयर व्यावसायिक गतिविधियों के लिए आरक्षित किया गया है। इसके अलावा, संस्थागत, हरित क्षेत्र, पार्क, जल निकाय और परिवहन सुविधाओं के लिए भी पर्याप्त भूमि आरक्षित की गई है, जिससे नया नोएडा एक सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित हो सके।