नासा का आर्टेमिस-II मिशन: मानवता की गहरी अंतरिक्ष में वापसी
आर्टेमिस-II मिशन की सफलता
नासा ने मानव अंतरिक्ष उड़ान में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि की घोषणा की है। शुक्रवार को, नासा ने बताया कि आर्टेमिस-II मिशन 1 अप्रैल को सफलतापूर्वक लॉन्च हुआ और अब यह अपनी ऐतिहासिक यात्रा के अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
चंद्रमा की परिक्रमा और वापसी
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, अंतरिक्ष यान ने चंद्रमा के चारों ओर यात्रा की है और अब यह पृथ्वी की ओर लौट रहा है। इसकी समुद्र में लैंडिंग, जो स्प्लैशडाउन कहलाती है, 10 अप्रैल को रात लगभग 8:07 बजे (ईटी) प्रशांत महासागर में होने की उम्मीद है।
महत्वपूर्ण मिशन
यह मिशन वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि यह पिछले पांच दशकों में पृथ्वी की निचली कक्षा से परे गहरे अंतरिक्ष की खोज में मानवता की वापसी का प्रतीक है। नासा के अनुसार, इस मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने अब तक की सबसे लंबी दूरी तय की है, जो भविष्य में चंद्रमा पर जाने वाले अभियानों के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा.
नए रिकॉर्ड की स्थापना
मिशन के दौरान, चार सदस्यीय दल ने पृथ्वी से 248,655 मील की यात्रा करके एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया। इस दल में रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन शामिल थे। अपनी यात्रा के सबसे दूर के बिंदु पर, उन्होंने लगभग 252,756 मील की दूरी तय की, जो पहले अपोलो-13 मिशन के रिकॉर्ड से भी अधिक है.
मिशन का उद्देश्य
अधिकारियों के अनुसार, यह 10 दिन का मिशन स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट और ओरियन अंतरिक्ष यान की गहरे अंतरिक्ष में क्षमता को परखने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें चंद्रमा के निकट से गुजरना भी शामिल था, जो भविष्य के मिशनों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है.
नासा की प्रतिबद्धता
नासा की अधिकारी डॉ. लोरी ग्लेज ने कहा कि यह सफलता दर्शाती है कि एजेंसी लगातार नई सीमाओं को पार करने और अंतरिक्ष में नई खोज करने के लिए प्रतिबद्ध है। ओरियन अंतरिक्ष यान से जेरेमी हैनसन ने कहा कि यह उपलब्धि पुराने अंतरिक्ष यात्रियों की विरासत को सम्मान देती है और साथ ही अंतरिक्ष अन्वेषण के एक नए युग की शुरुआत भी करती है.
आर्टेमिस-II का महत्व
आर्टेमिस-II मिशन को नासा के बड़े लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसमें चंद्रमा पर लंबे समय तक मानव उपस्थिति स्थापित करना शामिल है.