नोएडा में श्रमिकों का प्रदर्शन: वेतन वृद्धि की मांग पर भड़की हिंसा
नोएडा में श्रमिकों का प्रदर्शन हिंसक हुआ
नोएडा में श्रमिकों द्वारा वेतन वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर चल रहा प्रदर्शन सोमवार को उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर खड़ी कई गाड़ियों में आग लगा दी, तोड़फोड़ की और पथराव किया। इस स्थिति के कारण नोएडा और दिल्ली के बीच प्रमुख मार्गों पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया है, जिससे हजारों यात्री घंटों तक फंसे रहे।
फरीदाबाद में भी श्रमिकों का प्रदर्शन
फरीदाबाद में भी सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर हजारों श्रमिक सड़कों पर उतर आए हैं। नोएडा में हुई हिंसा के मद्देनजर, दिल्ली पुलिस ने हाई अलर्ट जारी किया है और सीमा से जुड़े मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है।
नोएडा में प्रदर्शन के दौरान हिंसा
नोएडा के सेक्टर 60 और फेज-2 में श्रमिकों ने प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ की और पथराव किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस हिंसा के कारण नोएडा से दिल्ली आने-जाने वाले रास्तों पर लंबा जाम लग गया।
दिल्ली पुलिस की सतर्कता
दिल्ली पुलिस ने नोएडा में हुई हिंसा को देखते हुए पूरी तरह से सतर्कता बरती है। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि नोएडा को दिल्ली से जोड़ने वाली मुख्य सड़कों पर कई पुलिस टीमों को तैनात किया गया है। वाहनों की गहन जांच की जा रही है ताकि कोई असामाजिक तत्व विरोध प्रदर्शन की आड़ में दिल्ली में प्रवेश न कर सके।
पुलिस का बयान
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, 'दिल्ली पुलिस पूरी तरह सतर्क और चौकस है। सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। कानून-व्यवस्था भंग करने की किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी। मुख्य सीमा चौकियों पर बैरिकेडिंग बढ़ा दी गई है और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए रैपिड रिस्पांस टीम और अर्धसैनिक बलों सहित स्थानीय पुलिस को तैनात किया गया है।'
श्रमिकों की मांगें
यह प्रदर्शन पिछले एक हफ्ते से चल रहा है। हॉजरी कॉम्पलेक्स में स्थित कपड़ा निर्यात इकाइयों के श्रमिक वेतन वृद्धि की मांग कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
- आठ घंटे की ड्यूटी के लिए न्यूनतम 18 से 20 हजार रुपये वेतन
- सालाना वेतन में 20 से 30 प्रतिशत बढ़ोतरी
- ओवरटाइम का दोगुना भुगतान
- साप्ताहिक अवकाश और समय पर वेतन
- टारगेट सिस्टम खत्म करना
- महिला कर्मियों से रात में ड्यूटी न करवाना
- सीनियर अधिकारियों का बेहतर बर्ताव