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पंजाब के 852 सरकारी स्कूलों के नवीनीकरण के लिए 17.44 करोड़ रुपये का आवंटन

पंजाब सरकार ने 852 सरकारी स्कूलों के नवीनीकरण के लिए 17.44 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि यह राशि सीधे स्कूल प्रबंधन समितियों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए एक बेहतर और रचनात्मक सीखने का माहौल तैयार करना है। जानें इस योजना के तहत विभिन्न जिलों को कितनी राशि दी गई है और इसके पीछे का उद्देश्य क्या है।
 

शिक्षा के लिए बेहतर माहौल का निर्माण


पंजाब के स्कूलों में शैक्षणिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। चंडीगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने 852 सरकारी स्कूलों के नवीनीकरण के लिए 17.44 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को एक रचनात्मक और उपयुक्त सीखने का माहौल प्रदान करना है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि राज्य में फंड का समान वितरण सुनिश्चित किया गया है।


अमृतसर को 1.58 करोड़ रुपये, बरनाला को 44.64 लाख रुपये, बठिंडा को 76.02 लाख रुपये, फरीदकोट को 50.31 लाख रुपये, फतेहगढ़ साहिब को 23.22 लाख रुपये, फाजिल्का को 1.13 करोड़ रुपये, फिरोजपुर को 40.41 लाख रुपये, गुरदासपुर को 1.18 करोड़ रुपये, होशियारपुर को 97.44 लाख रुपये, जालंधर को 97.41 लाख रुपये, कपूरथला को 20.52 लाख रुपये, लुधियाना को 1.50 करोड़ रुपये, मालेरकोटला को 15.75 लाख रुपये, मानसा को 61.11 लाख रुपये, मोगा को 32.74 लाख रुपये, मुक्तसर को 46.47 लाख रुपये, पठानकोट को 37.11 लाख रुपये, पटियाला को 1.50 करोड़ रुपये, रूपनगर को 78.14 लाख रुपये, एसबीएस नगर को 25.29 लाख रुपये, संगरूर को 2.45 करोड़ रुपये, एसएएस नगर (मोहाली) को 42.87 लाख रुपये और तरन तारन को 59.49 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।


रकम का ट्रांसफर प्रक्रिया

बैंस ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (सेकेंडरी) को निर्देश दिए हैं कि वे यह राशि सीधे संबंधित स्कूल प्रबंधन समितियों (एसएमसी) के बैंक खातों में ट्रांसफर करें। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित होगी। बैंस ने कहा कि यह पहल मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के सभी स्कूलों में मानक बुनियादी ढांचे को प्रदान करने के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


उन्होंने कहा कि एक उज्ज्वल, साफ-सुथरा और संगठित स्कूल वातावरण बच्चों की एकाग्रता और सीखने की क्षमता को सीधे प्रभावित करता है। हम अपने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रयासरत हैं और आशा करते हैं कि सरकारी स्कूलों को शिक्षा के पुनरुद्धार का केंद्र बनाने में सफल होंगे।


उन्होंने आगे कहा कि स्कूलों के बुनियादी ढांचे को आधुनिक मानकों के अनुरूप बनाकर हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी स्कूल में आने वाला हर बच्चा खुद को उत्साहित, मूल्यवान और अच्छा शिक्षार्थी महसूस करे।