पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ई-20 पेट्रोल के खिलाफ उठाई आवाज़, नागरिकों से की याचिका पर हस्ताक्षर करने की अपील
मुख्यमंत्री भगवंत मान का आह्वान
चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ई-20 पेट्रोल से उत्पन्न समस्याओं के खिलाफ आवाज़ उठाते हुए लोगों से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने उपभोक्ताओं के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ संघर्ष में शामिल होने की अपील की।
याचिका पर हस्ताक्षर करने की अपील
मुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा चलाए जा रहे अभियान का समर्थन करते हुए नागरिकों से stopE20petrol.com पर ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर करने का आग्रह किया। इससे प्रभावित लोगों की चिंताएं प्रधानमंत्री तक पहुँचाई जा सकेंगी।
एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, "हर नागरिक को इस याचिका पर हस्ताक्षर कर अपनी आवाज़ उठानी चाहिए, ताकि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान देने के लिए मजबूर किया जा सके।"
अरविंद केजरीवाल की मांगें
मुख्यमंत्री ने बताया कि देशभर में लोग ई-20 पेट्रोल के कारण अपने वाहनों में समस्याओं का सामना कर रहे हैं। अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को दो प्रमुख मांगों के साथ पत्र लिखा है: पहली, लोगों को शुद्ध पेट्रोल और ई-20 पेट्रोल में से अपनी पसंद का चयन करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए; दूसरी, ई-20 पेट्रोल की कीमत को तुरंत कम किया जाना चाहिए।
ई-20 पेट्रोल से होने वाले नुकसान
भगवंत मान ने कहा कि ई-20 पेट्रोल देशभर में वाहनों को नुकसान पहुँचा रहा है। इससे वाहनों का माइलेज घट गया है और लोग लगातार इस मुद्दे को उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया है, जबकि वाहन मालिकों में चिंता बढ़ रही है कि उनके वाहनों के इंजन को गंभीर नुकसान हो सकता है।
वाहन मरम्मत केंद्र का दौरा
मुख्यमंत्री ने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने एक वाहन मरम्मत केंद्र का दौरा किया, जहाँ उन्होंने खराब वाहनों की लंबी कतारें देखीं। उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की अपील की।
उपभोक्ताओं के अधिकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं को यह अधिकार मिलना चाहिए कि वे अपनी आवश्यकता के अनुसार किस प्रकार का पेट्रोल खरीदना चाहते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि ई-20 पेट्रोल की कीमत शुद्ध पेट्रोल से कम होनी चाहिए, ताकि आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ न पड़े।
केंद्र सरकार से पुनर्विचार की मांग
भगवंत मान ने कहा कि यह ऑनलाइन याचिका हर नागरिक की लड़ाई है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे इस मुद्दे पर अपनी आवाज़ उठाएँ, क्योंकि इसका सीधा प्रभाव लोगों और उनके परिवारों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि सामूहिक संघर्ष केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने के लिए बाध्य कर सकता है।