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पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान का बड़ा बयान: अकाली दल के गुनाहों का होगा हिसाब

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अकाली दल के बेअदबी विरोधी एक्ट के विरोध पर तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अकाली दल अपने अतीत के गुनाहों का सामना करने से भाग रहा है। मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की जनकल्याण योजनाओं का जिक्र करते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता की योजनाओं की जानकारी दी। जानें उनके विचार और पंजाब की प्रगति के लिए उठाए गए कदमों के बारे में।
 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का बयान


चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि अकाली दल बेअदबी विरोधी कानून का विरोध कर रहा है क्योंकि उन्हें अपने अतीत के गुनाहों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अकालियों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के लिए जिम्मेदार तत्वों के साथ मिलकर काम किया था। फरीदकोट में आयोजित 'लोक मिलनी' कार्यक्रम में उन्होंने पारंपरिक राजनीतिक दलों को पंजाब के संसाधनों की लूट का जिम्मेदार ठहराया।


जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि पंजाब को शिक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने, 68,000 से अधिक सरकारी नौकरियों को बिना भ्रष्टाचार के देने, नहरी सिंचाई को 22 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत करने, और 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' के तहत हर परिवार को 10 लाख रुपये तक के निःशुल्क इलाज की सुविधा देने जैसी उपलब्धियों का जिक्र किया।


उन्होंने कहा, "अकाली दल बेअदबी विरोधी एक्ट का विरोध कर रहा है क्योंकि उन्हें अपने अतीत के गुनाहों का सामना करना पड़ेगा। ये लोग उन राष्ट्रविरोधी ताकतों के साथ जुड़े हुए थे जिन्होंने पहले बेअदबी की साजिशें की थीं। अब उन्हें अपने बुरे कर्मों का परिणाम भुगतना पड़ रहा है।"


पंजाब की जनता का समर्थन

मुख्यमंत्री ने कहा, "पंजाब की जनता ने उन नेताओं को नकार दिया है जिन्होंने राज्य को लूटा। अब लोग इन नेताओं के झूठे प्रचार में नहीं आएंगे। इनका एजेंडा हमेशा अपने परिवारों की भलाई तक सीमित रहा है।"


कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "इन दलों का कोई एजेंडा नहीं है, केवल राज्य की संपत्ति लूटने और आम लोगों का शोषण करना। पंजाब की जनता सर्वोपरि है और वह सरकार के साथ खड़ी है।"


शिक्षा के क्षेत्र में सुधार

मुख्यमंत्री ने कहा, "पिछली सरकारों ने सरकारी स्कूलों को केवल मिड-डे मील केंद्र बना दिया था, लेकिन अब इन्हें उत्कृष्ट शिक्षा केंद्रों में बदल दिया गया है।"


उन्होंने बताया कि पंजाब ने प्राथमिक और मध्य विद्यालय शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।


महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता

मुख्यमंत्री ने कहा, "1 जुलाई से 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।"


उन्होंने इस योजना के सामाजिक महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह महिलाओं को सम्मान और आत्मसम्मान प्रदान करेगी।


मुख्यमंत्री सेहत योजना

मुख्यमंत्री ने बताया कि 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' के तहत पंजाब के हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।


उन्होंने कहा, "यह योजना लोगों पर आर्थिक बोझ को कम करने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने का प्रयास है।"