पंजाब पुलिस की सुरक्षा में बदलाव: ASI हरजीत सिंह की हत्या के बाद नई एडवाइजरी जारी
पंजाब पुलिस की सुरक्षा को लेकर सख्त कदम
नई दिल्ली: अमृतसर में ASI हरजीत सिंह की हत्या के बाद, पंजाब पुलिस ने अपने जवानों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कठोर कदम उठाने का निर्णय लिया है। IG बॉर्डर रेंज ने एक नई एडवाइजरी जारी की है, जिसमें पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान और उसके बाहर सुरक्षा बरतने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। हरजीत सिंह की हत्या के मुख्य आरोपी दीपक सिंह को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया था, और जांच में यह सामने आया कि वह पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था।
पुलिसकर्मियों के लिए नई सुरक्षा निर्देश
इस घटना के मद्देनजर, IG बॉर्डर रेंज ने अमृतसर ग्रामीण, बटाला, गुरदासपुर और पठानकोट के SSP को एक पत्र लिखा है। पत्र में यह निर्देश दिया गया है कि पुलिसकर्मी घर से ड्यूटी पर जाते और लौटते समय सादे कपड़ों में यात्रा करें, वर्दी में आना-जाना पूरी तरह से टाला जाए। इसके अलावा, निजी यात्रा के दौरान किसी भी ऐसे बैज या चिन्ह को साथ न रखने की सलाह दी गई है, जिससे उनकी पहचान पुलिसकर्मी के रूप में हो सके। पत्र में सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने पर भी जोर दिया गया है।
मुख्य आरोपी की मुठभेड़ में मौत
मुठभेड़ में मारा गया था मुख्य आरोपी
हरजीत सिंह की हत्या के मामले में पंजाब पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी दीपक सिंह को मुठभेड़ में मार गिराया। अमृतसर पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने इसकी पुष्टि की। जांच में यह भी पता चला कि पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी और उसके नेटवर्क ने इस हत्या की साजिश रची थी। गृह मंत्रालय ने हाल ही में शहजाद भट्टी और उसके तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH) नेटवर्क को आतंकी घोषित किया है। हरजीत सिंह की हत्या 18 सितंबर को अमृतसर के गेट हकीमा थाना क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान हुई थी।
CCTV और तकनीकी सबूतों से पहचान
CCTV और तकनीकी सबूतों से हुई पहचान
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी इनपुट, टावर-डंप एनालिसिस और स्थानीय खुफिया सूचनाओं के आधार पर आरोपी दीपक सिंह की पहचान की। कमिश्नर गिल के अनुसार, नाकाबंदी के दौरान जब आरोपी को रोका गया, तो उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में वह मारा गया। उसके पास से 30-बोर की पिस्तौल, दो मैगजीन, आठ जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल स्कूटर बरामद हुआ, जबकि एक अन्य संदिग्ध अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।