पंजाब पुलिस को मिली बड़ी सफलता: एएसआई हरजीत सिंह की हत्या में शामिल आरोपी ढेर
पंजाब पुलिस की कार्रवाई
नई दिल्ली: पंजाब पुलिस ने अमृतसर में तैनात एएसआई हरजीत सिंह की हत्या के मामले में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। इस मामले में शामिल एक संदिग्ध को शनिवार रात पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया है। इस घटना में एक चौंकाने वाला पाकिस्तानी कनेक्शन भी सामने आया है, जिसने मामले को और गंभीर बना दिया है।
मारे गए आरोपी की पहचान
मारे गए संदिग्ध की पहचान अमृतसर के मुलेचक गांव के दीपक सिंह के रूप में हुई है। अमृतसर पुलिस आयुक्त हरमनबीर सिंह गिल के अनुसार, यह मुठभेड़ ठंडा रोड पर एक चेकपॉइंट पर हुई। जब पुलिस ने संदिग्धों को रुकने का इशारा किया, तो उन्होंने अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। इस दौरान आरोपी को गोली लगी और उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
दूसरा आरोपी फरार
पुलिस के अनुसार, हत्याकांड में शामिल दूसरा आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी है। कमिश्नर गिल ने बताया कि एएसआई सिंह की हत्या का आरोप इन दोनों मोटरसाइकिल सवारों पर था। पुलिस ने CCTV फुटेज, तकनीकी जानकारी और स्थानीय खुफिया सूत्रों की मदद से आरोपियों की पहचान की।
मुठभेड़ का विवरण
कमिश्नर गिल ने बताया कि 18 सितंबर को हुई हत्या की जांच गंभीरता से की जा रही थी। शहर में कई चेकपॉइंट बनाए गए थे, जिनमें से एक ठंडा रोड पर था। विश्वसनीय सूचना मिलने पर पुलिस ने रेड अलर्ट जारी किया था। जब चेकपॉइंट पर संदिग्ध को रुकने का इशारा किया गया, तो उसने चार राउंड फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। एक गोली आरोपी को लगी, जिसे अस्पताल भेजा गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। इस दौरान दूसरा संदिग्ध अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा।
पाकिस्तानी कनेक्शन का खुलासा
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि एएसआई सिंह की हत्या की साजिश विदेश में बैठे एक पाकिस्तानी व्यक्ति ने रची थी। कमिश्नर गिल ने बताया कि इस व्यक्ति ने आरोपियों को पैसे और नशीले पदार्थों के कारोबार में हिस्सेदारी का लालच देकर अपने जाल में फंसाया। उसने आरोपियों से वफादारी साबित करने की मांग की और उन्हें एक पुलिस अधिकारी को निशाना बनाकर उसकी हत्या करने का टास्क दिया।
आरोपियों ने हरजीत सिंह को गोली मारने के बाद उसका वीडियो बनाकर एक वेबसाइट पर अपलोड किया। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच कर रही है ताकि वह वीडियो बरामद किया जा सके। घटनास्थल से पुलिस ने एक पिस्तौल, दो मैगजीन और आठ कारतूस भी बरामद किए हैं, जो इस साजिश के सबूत हो सकते हैं।
हरजीत सिंह की हत्या का विवरण
18 सितंबर को तड़के करीब 2:30 बजे गेट हकीमा इलाके में गश्त कर रहे एएसआई हरजीत सिंह को दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवारों ने गोली मारी थी। हरजीत सिंह तरनतारन जिले के निवासी थे और भगतानवाला अनाज मंडी में तैनात थे। जानकारी के अनुसार, वे गश्त पर थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया, जिसमें उनकी मौत हो गई।
मुख्यमंत्री की घोषणा
इस दुखद घटना पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शोक व्यक्त करते हुए मृतक के परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार इस कठिन समय में शहीद के परिवार के साथ खड़ी है। सम्मान स्वरूप सरकार की ओर से 1 करोड़ रुपये और एचडीएफसी बैंक की ओर से अतिरिक्त 1 करोड़ रुपये का बीमा भी परिवार को दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहीद अधिकारी का बलिदान सभी को अपने कर्तव्यों को निभाने के लिए प्रेरित करेगा।