पंजाब में नशा मुक्त अभियान का नया अध्याय: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुरू किया 'सूरमा' कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने 'सूरमा' अभियान की शुरुआत की
चंडीगढ़: पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज 'युद्ध नशियां विरुद्ध' मुहिम के दूसरे चरण के तहत 'सूरमा' अभियान का उद्घाटन किया। इस अवसर पर, दो साल से अधिक समय से नशा मुक्त जीवन जी रहे युवाओं को विशेष रूप से तैयार की गई 'सूरमा' रिंग और टी-शर्ट देकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य नशा छोड़ चुके युवाओं को समाज में 'उम्मीद के दूत' के रूप में स्थापित करना है, ताकि वे अपने अनुभव साझा कर दूसरों को प्रेरित कर सकें।
नशा मुक्त युवाओं को रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान नशा छोड़ चुके युवाओं को 'उम्मीद के दूत' के रूप में पेश करेगा, जो जमीनी स्तर पर नशों के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि नशा मुक्त रहने वाले युवाओं को न केवल प्रेरित किया जाएगा, बल्कि राज्य सरकार की ओर से उन्हें रोजगार के अवसर भी प्रदान किए जाएंगे।
खेलों को नशे के खिलाफ एक उपाय
खेलों को नशे की समस्या के खिलाफ एक प्रभावी उपाय बताते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 जुलाई तक पंजाब के लगभग 3,100 गांवों में खेल मैदान और 3,000 जिम खोले जाएंगे, ताकि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, खेलों के बुनियादी ढांचे और पुनर्वास पर ध्यान दे रही है, जो नशा-मुक्त पंजाब की नींव रखेगा।
'सूरमा' अभियान के प्रमुख बिंदु
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 'एक्स' पर अभियान के मुख्य बिंदुओं को साझा करते हुए लिखा, "आज हमने 'सूरमा मुहिम' की शुरुआत की है और उन युवाओं को सम्मानित किया है जो नशों के चंगुल से निकलकर नई जिंदगी की शुरुआत कर चुके हैं।" उन्होंने बताया कि पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में देश में पहले स्थान पर है और 47 लाख परिवारों को मुफ्त इलाज के लिए 'मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना कार्ड' मिल चुके हैं।
नशे से बाहर निकलने वाले युवाओं का सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि समागम में उपस्थित युवाओं ने नशे के कारण सब कुछ गंवाने के बाद इस दलदल से बाहर निकलकर साहसिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा, "नशे की लत एक सामाजिक कलंक है, लेकिन इन युवाओं ने उस दर्द को सहते हुए नशे को हराने का साहस दिखाया है।"
पुनर्वास और रोजगार पर ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार नशा पीड़ितों के पुनर्वास के लिए लगातार प्रयास कर रही है और राज्य भर में आधुनिक सुविधाओं से लैस विश्व स्तरीय पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
'रंगला पंजाब' का सपना
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा मुक्त हुए सभी युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि वे अपने दुखद अतीत को पीछे छोड़कर सुनहरे भविष्य की ओर बढ़ चुके हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार इस नेक मिशन में उन्हें हर संभव सहयोग देगी।
सरकार की उपलब्धियों का जिक्र
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की अन्य उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब अब सिंचाई के लिए 80 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग कर रहा है और सड़क सुरक्षा बल ने सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 3,000 लोगों की जान बचाई है।
सूरमा कार्यक्रम का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि 'सूरमा' कार्यक्रम अब पंजाब के हर जिले और गांव तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग नशा मुक्ति उपचार सफलतापूर्वक पूरा कर चुके हैं, वे व्हाट्सएप पर 'Soorma' संदेश भेजकर इस कार्यक्रम के लिए पंजीकरण कर सकते हैं।