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पंजाब में नशे के खिलाफ जन आंदोलन: भगवंत मान सरकार की मुहिम में जनता की भागीदारी

पंजाब में नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियान ने एक जन आंदोलन का रूप ले लिया है। भगवंत मान सरकार की पहल के तहत, आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से 25 हजार से अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं। सेफ पंजाब हेल्पलाइन के माध्यम से मिली सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान में भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं और नशे की लत से जूझ रहे लोगों के पुनर्वास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। जानें इस मुहिम की पूरी कहानी।
 

पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान


चंडीगढ़: पंजाब में नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रही मुहिम अब एक व्यापक जन आंदोलन का रूप ले चुकी है। भगवंत मान की सरकार द्वारा शुरू किए गए 'युद्ध नशेआं विरुद्ध' अभियान में पुलिस और प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों की सक्रिय भागीदारी इस लड़ाई का मुख्य आधार बन गई है। सेफ पंजाब हेल्पलाइन पर मिली हजारों गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। 1 मार्च 2025 से शुरू हुए इस अभियान के तहत 3 सितंबर 2026 तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, जनता से मिली सटीक जानकारी के चलते हजारों गिरफ्तारियां की गई हैं, जिससे नशा आपूर्ति श्रृंखला को कमजोर किया जा रहा है।


गिरफ्तारियों की संख्या

25 हजार से ज्यादा गिरफ्तारियां


इस अभियान के दौरान पुलिस को सेफ पंजाब हेल्पलाइन (97791-00200) के माध्यम से 51,979 गुप्त सूचनाएं प्राप्त हुईं। इन सूचनाओं का उपयोग करते हुए एनफोर्समेंट एजेंसियों ने संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई की। आंकड़ों के अनुसार, राज्य में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटांसेज (NDPS) अधिनियम के तहत दर्ज कुल 59,293 एफआईआर में से 25,339 गिरफ्तारियां केवल नागरिकों द्वारा दी गई सूचनाओं के आधार पर की गई हैं। यह दर्शाता है कि पंजाब के लोग अब अपने राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।


नशीले पदार्थों की जब्ती

भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त


यह कार्रवाई केवल छोटे विक्रेताओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि बड़े तस्करों पर भी कड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने दो किलोग्राम से अधिक हेरोइन रखने के आरोप में 696 बड़े तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामदगी के आंकड़े भी अभियान की सफलता को दर्शाते हैं। इस दौरान 3,757 किलोग्राम हेरोइन, 964 किलोग्राम अफीम, 45 टन पोस्त की भूसी, 1,288 किलोग्राम गांजा, 71 किलोग्राम मेथामफेटामाइन (आइस) और 62 लाख नशीली गोलियां व कैप्सूल जब्त किए गए हैं। इसके अलावा, अवैध व्यापार से अर्जित लगभग 22 करोड़ रुपये की नकदी भी जब्त की गई है और वाणिज्यिक मात्रा से जुड़े 2,675 मामले दर्ज किए गए हैं।


पुनर्वास पर ध्यान

इलाज और पुनर्वास पर भी दिया जा रहा जोर


राज्य सरकार केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे की लत से जूझ रहे लोगों के पुनर्वास के लिए भी मानवीय दृष्टिकोण अपना रही है। पुलिस के हस्तक्षेप से 42,498 लोगों को नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती कराया गया, जबकि 1,55,970 लोगों को ओपिओइड असिस्टेड ट्रीटमेंट (OOAT) क्लीनिकों तक पहुंचाया गया। इसके साथ ही NDPS अधिनियम की धारा 64A के तहत स्वेच्छा से इलाज कराने वाले 11,239 व्यक्तियों को कानूनी संरक्षण भी प्रदान किया गया है।