पंजाब में फर्जी वीडियो विवाद: 'आप' ने डीजीपी से की सख्त कार्रवाई की मांग
मुख्यमंत्री भगवंत मान की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश
चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से बनाए गए एक फर्जी वीडियो के मामले में, 'आप' पंजाब के प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के नेतृत्व में पंजाब के डीजीपी से मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी को दो महत्वपूर्ण रिपोर्ट सौंपी और सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। इस प्रतिनिधिमंडल में 'आप' पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा, प्रदेश मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल थे।
हरपाल सिंह चीमा का अकाली दल पर हमला
डीजीपी से मुलाकात के बाद, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मीडिया से बात करते हुए शिरोमणि अकाली दल पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि 3 करोड़ पंजाबियों द्वारा चुनी गई सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान की साफ-सुथरी छवि से अकाली दल बौखला गया है।
चीमा ने आरोप लगाया कि अकाली दल अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन को वापस पाने के लिए मुख्यमंत्री की छवि को धूमिल करने की साजिश कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी घटिया हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अकाली दल का काला इतिहास
हरपाल सिंह चीमा ने अकाली दल के इतिहास को काले अक्षरों में लिखा बताते हुए कहा कि जब भी अकाली दल सत्ता में आता है, पंजाब को भारी नुकसान होता है। उन्होंने 1986 और 2015 की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ये दोनों घटनाएं अकाली दल की सरकारों के दौरान हुई थीं।
उन्होंने बताया कि 1986 में नकोदर में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के बाद चार युवकों को मारा गया था। इसी तरह, 2015 में भी बेअदबी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे युवकों पर गोलियां चलाई गईं।
अकाली दल पर गंभीर आरोप
चीमा ने कहा कि अकाली दल ने पंजाब में गैंगस्टर कल्चर को बढ़ावा दिया है। अब जब 'आप' सरकार इस समस्या का समाधान कर रही है, तो अकाली दल फिर से पंजाब की शांति को भंग करने की कोशिश कर रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी से मांग की है कि मुख्यमंत्री की फर्जी वीडियो बनाने वाले और इसे वायरल करने वाले मास्टरमाइंड को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि चाहे साजिश रचने वाला पंजाब में हो या विदेश में, उसे कानून के कटघरे में लाया जाएगा।