पंजाब में बाढ़ से उत्पन्न संकट: रावी नदी का उफान और पाकिस्तान का आरोप
पंजाब में बाढ़ की स्थिति
पंजाब में रावी, सतलुज और ब्यास नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि ने गंभीर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न कर दी है। इस कारण से राज्य के कई निचले क्षेत्र जलमग्न हो गए हैं, जिससे सैकड़ों गांव प्रभावित हुए हैं। हजारों लोग अपने घरों से बेघर होकर पलायन करने को मजबूर हैं। यह प्राकृतिक आपदा पाकिस्तान तक पहुंच गई है, जहां रावी नदी के उफान ने लाहौर जैसे बड़े शहरों में भी जलभराव की समस्या खड़ी कर दी है।
पाकिस्तान का भारत पर आरोप
पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस बाढ़ के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि रावी नदी पर स्थित माधोपुर हेडवर्क्स में तकनीकी खराबी के कारण यह संकट उत्पन्न हुआ। एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा, "यह चिंताजनक है कि भारत ने इस स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।" उनका आरोप है कि भारत ने सिंधु जल समझौते का उल्लंघन किया है, जिसके चलते यह स्थिति बनी।
माधोपुर हेडवर्क्स का विवाद
माधोपुर हेडवर्क्स बना विवाद का केंद्र!
पाकिस्तान का कहना है कि रविवार के बाद भारत से केवल तीन बार सूचना प्राप्त हुई। पहली सूचना तवी नदी के जलस्तर में वृद्धि के बारे में थी, जबकि दो बार सतलुज नदी के बढ़ते जलस्तर की जानकारी दी गई। लेकिन रावी नदी के बारे में कोई सूचना नहीं मिली। पाकिस्तानी मीडिया का दावा है कि माधोपुर हेडवर्क्स के कम से कम चार गेट खराब हो गए हैं, जिसके कारण पानी का तेज बहाव पाकिस्तान की ओर आया। इसके परिणामस्वरूप, बड़ी मात्रा में खेती की जमीन डूब गई और गांवों में जलभराव हो गया।
माधोपुर हेडवर्क्स: एक महत्वपूर्ण संरचना
माधोपुर हेडवर्क्स: क्या है ये स्ट्रक्चर?
माधोपुर हेडवर्क्स पंजाब के गुरदासपुर जिले में रावी नदी पर स्थित है। यह एक महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग संरचना है, जिसके माध्यम से ऊपरी बारी दोआब नहर में सिंचाई के लिए पानी डाला जाता है। यह नहर गुरदासपुर, अमृतसर, तरन तारन और अन्य क्षेत्रों में खेती के लिए पानी की आपूर्ति करती है। हेडवर्क्स का उपयोग नदी के पानी को नहरों में मोड़ने और गाद के प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। यह बैराज से थोड़ा छोटा होता है और जलमार्ग के शीर्ष या मोड़ बिंदु पर बनाया जाता है।
पाकिस्तान के आरोप
भारत पर पाकिस्तान ने लगाए ये आरोप!
पाकिस्तान का आरोप है कि माधोपुर हेडवर्क्स के 54 फ्लडगेट्स में से कई को सालों से अपग्रेड नहीं किया गया, जिसके कारण यह स्थिति पैदा हुई। लाहौर के पास शाहदरा में रावी नदी में अचानक 2 लाख 20 हजार क्यूसेक पानी के बहाव ने हालात को और गंभीर बना दिया।
बाढ़ का प्रभाव
बाढ़ का असर से दोनों देशों में मची तबाही
पंजाब में बाढ़ ने हजारों लोगों को विस्थापित कर दिया है। गांवों में पानी भरने से फसलें नष्ट हो गई हैं और लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में पलायन कर रहे हैं। दूसरी ओर, पाकिस्तान में भी स्थिति गंभीर है। लाहौर में जलभराव के कारण जनजीवन ठप हो गया है। पाकिस्तानी सिंधु जल आयोग का कहना है कि भारत के साथ इस मुद्दे पर बातचीत भी नहीं हो पा रही है, जिससे समस्या का समाधान और कठिन हो गया है।