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पंजाब में बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून: मुख्यमंत्री भगवंत मान की ऐतिहासिक घोषणा

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज एक ऐतिहासिक कानून की घोषणा की है, जो श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के दोषियों को सख्त सजा देने का प्रावधान करता है। इस कानून का उद्देश्य पंजाब में शांति और भाईचारे को बनाए रखना है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि वे इस कानून के बारे में जागरूकता फैलाएं। उन्होंने पूर्व शासकों की निंदा करते हुए कहा कि उनके शासन में बेअदबी की घटनाएं बढ़ीं। जानें इस कानून के महत्व और मुख्यमंत्री की यात्रा के बारे में।
 

मुख्यमंत्री भगवंत मान का ऐतिहासिक कानून


पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज एक महत्वपूर्ण घोषणा की है कि पूर्व सरकारों के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामलों में शामिल दोषियों को जल्द ही सजा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने 'जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट, 2026' के तहत बेअदबी के दोषियों के लिए कठोर कानूनी प्रावधान किए हैं।


शुक्राना यात्रा के दौरान एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नया कानून बेअदबी के खिलाफ एक स्थायी उपाय के रूप में कार्य करेगा, जिससे कोई भी पंजाब की शांति को भंग करने की हिम्मत नहीं करेगा। उन्होंने कहा, "मैं परमात्मा का आभारी हूं कि मुझे इस कानून को लागू करने का अवसर मिला है।"


मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे इस कानून के बारे में जागरूकता फैलाएं और सुनिश्चित करें कि हर व्यक्ति जानता हो कि बेअदबी में शामिल किसी भी व्यक्ति को अब कड़ी सजा का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा, "सजा के डर से कई विपक्षी नेता पहले ही भाग रहे हैं।"


भगवंत सिंह मान ने कहा कि पूर्व शासकों का बेअदबी रोकने का कोई इरादा नहीं था, जिसके कारण ऐसी घटनाएं बार-बार हुईं। उन्होंने कहा, "अब पंजाब सरकार ने ऐसा कानून पारित किया है जो इस समस्या को हमेशा के लिए समाप्त कर देगा।"


अकाली दल पर निशाना साधते हुए, उन्होंने कहा कि उनके शासन में नशे के व्यापार को बढ़ावा दिया गया, जिससे पंजाब के युवा प्रभावित हुए। उन्होंने कहा, "इन नेताओं के हाथ पंजाब के युवाओं के खून से रंगे हुए हैं।"


मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली दल ने बेअदबी की घटनाओं के दौरान निर्दोष लोगों पर गोली चलाने के आदेश दिए थे। उन्होंने कहा, "पंजाब के लोग इन नेताओं को कभी माफ नहीं करेंगे।"


उन्होंने यह भी कहा कि अकाली दल ने पंजाब को आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर किया है। उन्होंने कहा, "इनका शासन पंजाबियों के लिए विश्वासघात था।"


मुख्यमंत्री ने कहा कि बेअदबी के मामलों में शामिल नेताओं ने अपने राजनीतिक हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया है। उन्होंने कहा, "पंजाब के लोग इन नेताओं के असली चेहरे को पहचानते हैं।"


भगवंत सिंह मान ने इस कानून की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि यह पंजाब में शांति और भाईचारे को बनाए रखने के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा, "यह कानून भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद करेगा।"


उन्होंने कहा कि दुनियाभर में लोग इस कानून के लागू होने पर खुशी व्यक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "मैंने श्री आनंदपुर साहिब से इस शुक्राना यात्रा की शुरुआत की है।"


मुख्यमंत्री ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य इस महत्वपूर्ण कानून को लागू करने के लिए परमात्मा का धन्यवाद करना है। उन्होंने कहा, "मैं हमेशा जनता के बीच रहूंगा।"