×

पंजाब में वैट बकाया निपटान योजना: 31 मार्च तक का अंतिम मौका

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने वैट बकाया निपटान योजना के तहत 31 मार्च तक का अंतिम मौका दिया है। इस योजना में 7,845 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 111.16 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। मंत्री ने चेतावनी दी है कि समय सीमा समाप्त होने के बाद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जानें इस योजना के लाभ और महत्वपूर्ण जानकारी।
 

पंजाब में वैट बकाया निपटान योजना का समर्थन


चंडीगढ़: पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज बताया कि वैट बकाया निपटान (ओ.टी.एस.) योजना को व्यापक समर्थन मिला है। इस योजना के तहत 7,845 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें कुल 298.39 करोड़ रुपये के बकाये शामिल हैं, और अब तक 111.16 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है।


राजस्व बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम

वित्त मंत्री ने इस योजना को पुराने टैक्स बोझ को समाप्त करने और राजस्व को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि इस राहत की समय सीमा 31 मार्च तक है, उसके बाद सरकार सख्त वसूली प्रक्रिया में जाएगी। इसके लिए लगभग 8,000 संपत्तियों की पहचान की जा चुकी है।


111.16 करोड़ रुपये की वसूली

हरपाल सिंह चीमा ने कहा, "इस योजना से अब तक 111.16 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है। लुधियाना, अमृतसर, जालंधर, पटियाला और रोपड़ जैसे प्रमुख जिलों से मिली सक्रिय भागीदारी इस योजना के वित्तीय लाभों के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाती है।"


31 मार्च तक का अंतिम अवसर

उन्होंने सभी करदाताओं से अपील की कि वे इस अंतिम अवसर का लाभ उठाएं और राज्य के विकास में योगदान दें। उन्होंने कहा कि कारोबारियों को ओ.टी.एस. विंडो बंद होने से पहले लंबित वैट बकाये का निपटान करना चाहिए।


सख्त कार्रवाई की चेतावनी

वित्त मंत्री ने चेतावनी दी कि समय सीमा समाप्त होने के बाद राज्य सरकार का रुख सख्त हो जाएगा और बकाया मामलों की वसूली बिना किसी छूट के सामान्य कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाएगी।


पहले से पहचान की गई संपत्तियाँ

उन्होंने बताया कि जिन मामलों में 31 मार्च 2026 के बाद बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए लगभग 8,000 संपत्तियों की पहचान की जा चुकी है।


मुख्यमंत्री की व्यापार-समर्थक नीतियाँ

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि ओ.टी.एस. योजना को मिला समर्थन मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की पारदर्शी और व्यापार-समर्थक नीतियों का परिणाम है। इस योजना का उद्देश्य राहत प्रदान करना और राज्य की राजस्व प्रणाली को मजबूत करना है।


उन्होंने बताया कि यह योजना विशेष रूप से पुराने वैट देनदारियों के ब्याज और जुर्माने में भारी छूट देकर कारोबारियों को नए सिरे से शुरुआत करने का सुनहरा अवसर प्रदान करती है।