पंजाब में शिक्षा के क्षेत्र में नया मील का पत्थर: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का ऐलान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का शिक्षा सुधार पर जोर
चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज बताया कि उनकी सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों के विकास, शिक्षा के बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और शिक्षकों के प्रशिक्षण में निरंतर निवेश ने राज्य को स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में देश का सबसे उत्कृष्ट राज्य बना दिया है।
मुख्यमंत्री ने सरकारी प्राथमिक स्कूल, लोहारा में पाँच करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 'वर्धमान ब्लॉक' का उद्घाटन करते हुए कहा कि नीट, जे.ई.ई. और पंजाब राज्य टैलेंट सर्च परीक्षा जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों के छात्रों की उल्लेखनीय सफलता सरकार के शिक्षा सुधारों के प्रभाव को दर्शाती है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा ही गरीबी को समाप्त करने और आने वाली पीढ़ियों को सशक्त बनाने का सबसे प्रभावी साधन है।
नए ब्लॉक का उद्घाटन और वर्धमान टेक्सटाइल समूह का योगदान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का बड़ा बयान
मुख्यमंत्री ने नए ब्लॉक का उद्घाटन करते हुए सभा को संबोधित करते हुए कहा, "यह नया ब्लॉक पाँच करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इसका पूरा खर्च वर्धमान टेक्सटाइल समूह ने वहन किया है, जिसके लिए मैं समूह के नेतृत्व का तहेदिल से धन्यवाद करता हूँ। इस नए ब्लॉक में विद्यार्थियों के लिए फर्नीचर सहित 18 कक्षाएँ तथा शिक्षकों के लिए तीन कमरे बनाए गए हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "वर्धमान टेक्सटाइल समूह सरकारी स्कूलों के शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। इस समूह ने लोहारा, ग्यासपुरा, कासाबाद, लाडोवाल, सेखेवाल और अन्य सरकारी स्कूलों में भी भवनों का निर्माण कराया है। मुफ्त सुविधाएँ या रियायतें गरीबी या अन्य सामाजिक बुराइयों को समाप्त नहीं कर सकतीं, बल्कि शिक्षा ही वह कुंजी है, जो लोगों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाकर उन्हें गरीबी से बाहर निकाल सकती है।"
पंजाब की शिक्षा में सुधार के परिणाम
मुख्यमंत्री ने कहा, "सरकार के प्रयासों के कारण पंजाब प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर पहले स्थान पर पहुँच गया है। राज्य सरकार ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा का स्तर ऊँचा उठाया है, व्यवस्था को मजबूत किया है, स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए हैं और शिक्षकों को उन्नत प्रशिक्षण प्रदान किया है।"
उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों से राज्य सरकार ने शिक्षकों के प्रशिक्षण, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और स्मार्ट क्लासरूम पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। अब पंजाब ने बड़े अंतर से नंबर एक का दर्जा हासिल किया है। शिक्षा वह प्रकाश है, जो अंधकार को दूर कर दुनिया को रोशन करता है, इसलिए राज्य सरकार इस पर विशेष जोर दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, "लुधियाना जिले के सरकारी स्कूलों में लगभग तीन लाख विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं, जहाँ 16 स्कूल ऑफ एमिनेंस, 11 स्कूल ऑफ ब्रिलियंस और 35 स्कूल ऑफ हैप्पीनेस हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि 146 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा, 33 विद्यार्थियों ने जे.ई.ई. मेन परीक्षा, 9 विद्यार्थियों ने जे.ई.ई. एडवांस्ड परीक्षा तथा 47 विद्यार्थियों ने पी.एस.टी.एस.ई. परीक्षा उत्तीर्ण की है।