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पंजाब में हार्ट अटैक के मरीजों के लिए कैशलेस एंजियोप्लास्टी सेवा: जानें कैसे बचाई जा रही हैं जानें

पंजाब में हार्ट अटैक के मरीजों के लिए कैशलेस एंजियोप्लास्टी सेवाएं अब उपलब्ध हैं, जो समय पर आपातकालीन इलाज सुनिश्चित करती हैं। भगवंत मान सरकार की स्वास्थ्य योजना के तहत, मरीजों को बिना किसी देरी के इलाज मिल रहा है, जिससे जानें बचाई जा रही हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, हृदय रोग मृत्यु का प्रमुख कारण है, और पंजाब की स्वास्थ्य प्रणाली इस चुनौती का सामना कर रही है। जानें इस योजना के तहत अब तक कितने मरीजों का इलाज किया गया है और स्वास्थ्य मंत्री का क्या कहना है।
 

आपातकालीन इलाज में तेजी लाने की पहल


नई दिल्ली: दिल के दौरे के मामले में हर सेकंड महत्वपूर्ण होता है। कुछ मिनटों की देरी जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर बना सकती है। पंजाब में, भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत, मरीजों को तेज और कैशलेस एंजियोप्लास्टी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं, जिससे उन्हें समय पर आपातकालीन उपचार मिल रहा है।


हार्ट अटैक के मरीजों का इलाज

हार्ट अटैक केवल एक चिकित्सा आपात स्थिति नहीं है, बल्कि यह परिवारों पर आर्थिक दबाव भी डालता है। पहले, इलाज के लिए पैसे जुटाने, आवश्यक कागजी कार्रवाई करने और अस्पताल से मंजूरी लेने में परिवारों का समय बर्बाद होता था। अब यह स्थिति तेजी से बदल रही है।


स्वास्थ्य कार्ड प्रणाली के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में मरीजों की जांच और आपातकालीन एंजियोप्लास्टी प्रक्रिया बिना किसी भुगतान में देरी के तेजी से की जा रही है। यह बदलाव विशेष रूप से 'गोल्डन ऑवर' के दौरान जान बचाने में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।


विश्व स्वास्थ्य संगठन का डेटा

विश्व स्तर पर, हृदय रोग मृत्यु का प्रमुख कारण है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, हर साल लगभग 17.9 मिलियन लोग हृदय रोगों के कारण मरते हैं। इनमें से कई मामलों में इलाज में देरी जानलेवा साबित होती है। पंजाब की स्वास्थ्य प्रणाली अब इस चुनौती का सामना कर रही है।


राजभर के चिकित्सकों के अनुसार, दिल की बीमारियों के मामले अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहे हैं। अस्वास्थ्यकर जीवनशैली, तनाव और डायबिटीज इसके मुख्य कारण हैं। हालांकि, हृदय संबंधी बीमारियों के आपातकालीन इलाज तक पहुंच में सुधार हुआ है।


5000 से अधिक मरीजों का इलाज

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार, हाल के महीनों में स्वास्थ्य योजना के तहत कुल 5,054 हृदय संबंधी सर्जरियां की गई हैं। इनमें 5,000 परक्यूटेनियस ट्रांसल्यूमिनल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी (पीटीसीए) प्रक्रियाएं शामिल हैं। इन इलाजों की कुल लागत लगभग 49.6 करोड़ रुपये रही है।


पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री का बयान

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि इस योजना का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा, “अब अधिक मरीज उन स्थितियों से भी बच रहे हैं, जिन्हें पहले जानलेवा माना जाता था। स्वास्थ्य कार्ड प्रणाली के कारण इलाज की तेजी राज्य के लिए जीवनरक्षक बन रही है।”


अस्पतालों के कार्डियोलॉजी विभाग को नई जरूरतों के अनुसार ढाला जा रहा है। आपातकालीन प्रोटोकॉल को इस तरह से व्यवस्थित किया जा रहा है कि हार्ट अटैक के संभावित मरीजों की तुरंत जांच हो सके।


स्वास्थ्य कार्ड से समय पर इलाज

गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज और राजिंदरा अस्पताल, पटियाला के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. सौरभ शर्मा ने कहा, “स्वास्थ्य कार्ड लोगों को समय पर इलाज दिलाने में मदद कर रहा है। पहले इलाज की लागत को लेकर हिचकिचाहट होती थी, लेकिन अब यह काफी कम हो गई है।”


डॉ. शर्मा ने बताया कि कैशलेस सुविधा से यह रुकावट समाप्त हो गई है। पहले मरीजों को बड़े शहरों के अस्पतालों में रेफर किया जाता था, जिससे देरी होती थी। अब अधिक अस्पतालों के सूचीबद्ध होने से एंजियोप्लास्टी बिना लंबी दूरी तक रेफर किए शुरू की जा रही है।