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पंजाब विधानसभा में AAP ने कॉन्फिडेंस मोशन जीतकर बहुमत साबित किया

आम आदमी पार्टी (AAP) ने पंजाब विधानसभा में 117 सदस्यों के बीच कॉन्फिडेंस मोशन जीतकर अपने बहुमत को साबित किया है। इस जीत के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लेबरर्स डे के अवसर पर मजदूरों के लिए न्यूनतम दैनिक वेतन में 15 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की। मान ने कहा कि यह कदम लाखों परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करेगा। जानें इस राजनीतिक घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और AAP की स्थिति को लेकर उठ रहे सवालों का क्या है सच।
 

AAP की जीत और लेबरर्स डे का तोहफा


आम आदमी पार्टी (AAP) ने शुक्रवार को पंजाब विधानसभा में 117 सदस्यों के बीच कॉन्फिडेंस मोशन जीत लिया। AAP के पास 94 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 16, BSP का एक और SAD के तीन विधायक हैं। इसके अलावा, बीजेपी के दो और एक स्वतंत्र विधायक भी हैं।


AAP ने कॉन्फिडेंस मोशन में सफलता पाई


यह कॉन्फिडेंस वोट 24 अप्रैल को AAP को लगे राजनीतिक झटके के बाद आया, जब पार्टी के 10 राज्यसभा सदस्यों में से सात ने इस्तीफा देकर बीजेपी जॉइन कर लिया था।


मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि जो लोग यह कह रहे थे कि AAP के 65 या 40 विधायक जा रहे हैं, उनके बारे में आज सभी अटकलों पर विराम लग गया है। उन्होंने 1 मई को लेबर डे के अवसर पर सरकारी और गैर-सरकारी क्षेत्रों में काम करने वालों के लिए न्यूनतम दैनिक वेतन में 15 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की।


लेबरर्स डे पर मजदूरों को मिला तोहफा


मान ने कहा, "यह लेबरर्स डे है, इसलिए मजदूरों को तोहफा मिलना चाहिए।" उन्होंने बताया कि इस कदम से लाखों परिवारों को आर्थिक सहायता मिलेगी। उन्होंने लिखा कि महंगाई के इस दौर में यह कदम परिवारों को वित्तीय मजबूती प्रदान करेगा।


पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान, मान ने कहा कि 2013 के बाद से यह श्रमिकों की सैलरी में पहली वृद्धि है। AAP के 94 विधायकों को 88 विधायकों का समर्थन मिला, जबकि छह विधायक वोट नहीं दे पाए। दो विधायक जेल में हैं और चार अनुपस्थित थे।


सरकार का बहुमत सुरक्षित है


मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में अफवाहों का बाजार गर्म है और नकारात्मक खबरें तेजी से फैल रही हैं। उन्होंने कहा कि AAP में फूट की अटकलें पूरी तरह से निराधार हैं और जनता में भ्रम पैदा करने के लिए फैलाई जा रही हैं। इसलिए, सरकार ने स्थिति स्पष्ट करने और लोकतांत्रिक तरीके से अपना बहुमत साबित करने के लिए सदन में कॉन्फिडेंस मोशन लाने का निर्णय लिया।