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पंजाब सरकार का बड़ा फैसला: सहकारी हाउसिंग सोसायटियों में रजिस्ट्रेशन अब आसान

पंजाब सरकार ने सहकारी हाउसिंग सोसायटियों में निवास करने वालों के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को सरल बना दिया है। अब लोग बिना स्टांप ड्यूटी के अपने घरों का रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे, जिससे उन्हें कानूनी सुरक्षा मिलेगी। यह कदम गरीब और मध्यम वर्ग के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगा। इसके अलावा, परिवार के सदस्यों को भी इस लाभ का फायदा उठाने की अनुमति दी गई है। जानें इस नई नीति के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
 

पंजाब में सहकारी हाउसिंग सोसायटियों के लिए नई राहत


चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने सहकारी हाउसिंग सोसायटियों में निवास करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब उनके घर कानूनी रूप से सुरक्षित रहेंगे। लंबे समय से लोग बिना रजिस्ट्रेशन के अपने घरों में रह रहे थे, जिससे उन्हें बेचने और बैंक से लोन लेने में कठिनाई होती थी। इस समस्या को हल करने के लिए सरकार ने रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को सरल बनाने का निर्णय लिया है।


क्या मूल आवंटियों को स्टांप ड्यूटी में छूट मिलेगी?

सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि जिन लोगों को पहली बार मकान या प्लॉट आवंटित किया गया है, उन्हें स्टांप ड्यूटी का भुगतान नहीं करना होगा। उन्हें केवल मामूली रजिस्ट्रेशन शुल्क देना होगा। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को लाभ होगा, जो पहले आर्थिक कारणों से रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाते थे। अब उनका बोझ कम होगा, और सरकार चाहती है कि हर असली मालिक सुरक्षित हो सके।


क्या परिवार के सदस्य भी इस लाभ का लाभ उठा सकेंगे?

यह छूट केवल मूल मालिक तक सीमित नहीं है। यदि मालिक का निधन हो चुका है, तो उनकी पत्नी और बच्चे भी इस लाभ का उपयोग कर सकते हैं। कानूनी वारिस भी इस प्रक्रिया में शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य यह है कि किसी भी परिवार को परेशानी का सामना न करना पड़े, जिससे घर पर किसी अन्य का दावा नहीं होगा और परिवार शांति से रह सकेगा।


क्या खरीदारों के लिए भी यह एक सस्ता अवसर है?

जिन लोगों ने ये घर किसी अन्य से खरीदे हैं, उनके लिए भी सरकार ने सस्ता रास्ता खोला है। सीमित समय के लिए स्टांप ड्यूटी को काफी कम कर दिया गया है। जनवरी के अंत तक यह एक प्रतिशत, फरवरी में दो प्रतिशत और मार्च में तीन प्रतिशत रहेगी। इससे लोग जल्दी रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगे, और सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक लोग इस अवसर का लाभ उठाएं।


क्या सोसायटियां अब मनमानी फीस नहीं ले सकेंगी?

सरकार ने सोसायटियों की ट्रांसफर फीस पर भी रोक लगा दी है। अब वे अपनी मर्जी से शुल्क नहीं वसूल सकेंगी। इसके लिए एक कानूनी सीमा निर्धारित की गई है, जिससे आम लोगों का शोषण रोका जा सके। पहले कई सोसायटियां अधिक शुल्क मांगती थीं, लेकिन अब यह गलत होगा। लोगों को स्पष्ट और सही नियमों का पालन करना होगा।


क्या इससे विवाद और कोर्ट केस कम होंगे?

जब घर कानूनी रूप से रजिस्टर होंगे, तो विवाद अपने आप कम होंगे। लोग किसी भी दस्तावेज के साथ अपने अधिकार को साबित कर सकेंगे, जिससे कोर्ट में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। बैंक से लोन भी आसानी से मिल सकेगा। सरकार का मानना है कि इससे शांति स्थापित होगी और लोगों का विश्वास बढ़ेगा।


क्या सरकार लोगों से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील कर रही है?

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लोगों से आग्रह किया है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और समय पर अपने घरों का रजिस्ट्रेशन कराएं। इससे उनका भविष्य सुरक्षित होगा। सरकार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना चाहिए। यह कदम आम लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए उठाया गया है। पंजाब अब सुरक्षित संपत्ति की दिशा में आगे बढ़ रहा है।