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पंजाब सरकार की नई पहल: 1076 हेल्पलाइन से घर बैठे मिलेंगी सरकारी सेवाएं

पंजाब सरकार ने 'भगवंत मान सरकार, तुहाडे द्वार' पहल के तहत 1076 हेल्पलाइन और डोरस्टेप डिलीवरी प्रणाली शुरू की है, जिससे नागरिकों को सरकारी सेवाएं घर पर मिल रही हैं। इस प्रणाली ने सेवा वितरण में देरी को कम किया है और बिचौलियों पर निर्भरता घटाई है। अब तक 3.10 लाख से अधिक सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं, और 4.18 लाख से अधिक अपॉइंटमेंट बुक किए जा चुके हैं। जानें इस पहल के लाभ और कैसे यह प्रक्रिया को सरल बनाती है।
 

पंजाब में सरकारी सेवाओं में बदलाव


चंडीगढ़: पंजाब सरकार की 'भगवंत मान सरकार, तुहाडे द्वार' योजना के तहत शुरू की गई 1076 हेल्पलाइन और डोरस्टेप डिलीवरी प्रणाली ने नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं को प्राप्त करने के तरीके में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। इस पहल ने सेवा वितरण में देरी को कम किया है और बिचौलियों पर निर्भरता को घटाया है, जिससे शासन अधिक पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बन गया है।


तकनीक के माध्यम से अब तक 3.10 लाख से अधिक सरकारी सेवाएं लोगों तक पहुंचाई जा चुकी हैं। विभिन्न विभागों में लंबित मामलों की दर घटकर केवल 0.33 प्रतिशत रह गई है, जो इस प्रणाली की प्रभावशीलता को दर्शाती है। नागरिक अब 1076 हेल्पलाइन पर कॉल करके या व्हाट्सऐप, ऑनलाइन पोर्टल और सेवा केंद्रों के जरिए अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं और 437 सरकारी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।


सरकारी सेवाएं घर पर उपलब्ध

अपॉइंटमेंट तय होने के बाद प्रशिक्षित डोरस्टेप डिलीवरी ऑपरेटर नागरिकों के घर जाकर आवश्यक दस्तावेज एकत्र करते हैं, आवेदन भरने में मदद करते हैं और ऑनलाइन आवेदन जमा करते हैं। इससे लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।


इस पहल का विशेष लाभ वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले किसानों, महिलाओं और कामकाजी पेशेवरों को मिला है। पहले इन वर्गों को सरकारी सेवाएं प्राप्त करने के लिए समय और धन खर्च कर कार्यालयों तक जाना पड़ता था और कई बार बिचौलियों का सहारा भी लेना पड़ता था।


4.18 लाख से अधिक अपॉइंटमेंट बुक

इस पहल की शुरुआत से अब तक डोरस्टेप डिलीवरी प्रणाली के तहत 4.18 लाख से अधिक अपॉइंटमेंट बुक किए जा चुके हैं। नागरिक अब प्रमाणपत्र और विभिन्न स्वीकृतियां एसएमएस, व्हाट्सऐप और घर पर भौतिक डिलीवरी के माध्यम से प्राप्त कर रहे हैं। इससे सरकारी सेवाएं पहले की तुलना में अधिक सुलभ और सुविधाजनक बन गई हैं।


ऑनलाइन वेरिफिकेशन से बढ़ी पारदर्शिता

इस पहल के तहत सत्यापन प्रक्रिया में भी महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। पटवारियों, नंबरदारों, सरपंचों, नगर पार्षदों और विभागीय अधिकारियों द्वारा ऑनलाइन वेरिफिकेशन की व्यवस्था लागू की गई है। इससे कागजी कार्यवाही में कमी आई है, सरकारी कार्यालयों में व्यक्तिगत रूप से जाने की आवश्यकता घटी है और पारदर्शिता तथा जवाबदेही में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।


'फॉर्मलेस सेवाओं' से प्रक्रिया हुई आसान

सरकार ने एक और महत्वपूर्ण सुधार करते हुए 'फॉर्मलेस सेवाओं' की शुरुआत की है। इसके तहत नागरिकों को अब लंबे आवेदन पत्र भरने की आवश्यकता नहीं है। डोरस्टेप डिलीवरी ऑपरेटर डिजिटल माध्यम से आवश्यक जानकारी दर्ज करते हैं और सिस्टम स्वतः आवेदन तैयार कर देता है। इससे प्रक्रिया सरल होती है और त्रुटियों की संभावना भी कम हो जाती है।


रियल-टाइम ट्रैकिंग से मजबूत हुई जवाबदेही

रियल-टाइम एप्लिकेशन ट्रैकिंग, विभागवार डैशबोर्ड, बीट-वार निगरानी और लाभार्थियों को किए जाने वाले फीडबैक कॉल्स ने जवाबदेही को और मजबूत बनाया है। इससे समयबद्ध तरीके से सेवाएं उपलब्ध करवाना सुनिश्चित हो रहा है।


टेक्नोलॉजी से पारदर्शी और जवाबदेह शासन: अमन अरोड़ा

पंजाब के सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “प्रौद्योगिकी शासन का विकल्प नहीं है, बल्कि यह पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने का एक प्रभावी माध्यम है। आवेदनों की रियल-टाइम ट्रैकिंग से देरी कम होती है, अनिश्चितता घटती है और सेवा वितरण नागरिकों की आवश्यकताओं के प्रति अधिक संवेदनशील बनता है।” उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को सामान्य सेवाओं के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।


ऑनलाइन प्रमाणन व्यवस्था बना रही है सेवाओं को अधिक सुलभ

अमन अरोड़ा ने कहा, “हाल ही में सरपंचों, नंबरदारों और नगर पार्षदों के माध्यम से प्रमाणपत्रों के ऑनलाइन वेरिफिकेशन की सुविधा शुरू करना कागजी कार्यवाही कम करने, कार्यालयों में व्यक्तिगत रूप से जाने की आवश्यकता घटाने और सरकारी सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।” उन्होंने कहा कि आवेदन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से देरी और बिचौलियों की गुंजाइश लगातार कम हो रही है। इससे शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनती जा रही है।