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पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर छात्रों का उग्र प्रदर्शन: जानें क्या हुआ?

पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर छात्रों का उग्र प्रदर्शन हुआ, जब ट्रेनों की लगातार देरी ने उनकी परीक्षा में शामिल होने की चिंता बढ़ा दी। छात्रों ने रेलवे ट्रैक पर उतरकर ट्रेनों की आवाजाही रोकने का प्रयास किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस घटना ने रेलवे संचालन को प्रभावित किया और कई पुलिसकर्मी घायल हुए। जांच जारी है, जिसमें सीसीटीवी फुटेज से उपद्रवियों की पहचान की जाएगी।
 

बिहार में छात्रों का हंगामा


बिहार: रविवार को पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर छात्रों के बीच अफरा-तफरी मच गई, जब परीक्षा देने जा रहे विद्यार्थियों का धैर्य जवाब दे गया। लगातार देरी से आ रही ट्रेनों के कारण छात्रों में नाराजगी बढ़ गई, जिससे उनका विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि स्टेशन परिसर में हंगामा, पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं, जिसमें कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गए और रेलवे संचालन प्रभावित हुआ।


छात्रों की परीक्षा में देरी

जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में छात्र बिहार पुलिस मद्य निषेध विभाग की परीक्षा में शामिल होने के लिए विभिन्न जिलों की ओर जा रहे थे। कई छात्रों के परीक्षा केंद्र उनके शहर से काफी दूर थे, जिससे वे रेल यात्रा पर निर्भर थे। पाटलिपुत्र स्टेशन पर ट्रेनों की देरी की खबर सुनकर छात्रों में चिंता और नाराजगी बढ़ने लगी। समय की कमी के चलते छात्रों को यह डर सताने लगा कि वे परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच पाएंगे, जिससे धीरे-धीरे विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।


रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शनकारी

स्थिति तब और गंभीर हो गई जब बड़ी संख्या में छात्र रेलवे ट्रैक पर उतर आए। उन्होंने ट्रेनों की आवाजाही रोकने का प्रयास किया और रेल मार्ग को बाधित कर दिया। छात्रों की मांग थी कि परीक्षा को रद्द किया जाए या उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। स्टेशन परिसर में छात्रों की संख्या बढ़ने से रेलवे और प्रशासन के लिए चुनौती उत्पन्न हो गई।


अधिकारियों की कोशिशें नाकाम

मामले की गंभीरता को देखते हुए रेल आईजी जीतेंद्र राणा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उन्हें शांत करने और ट्रैक खाली करने की अपील की। हालांकि, काफी प्रयासों के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बातचीत के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और कुछ समय बाद छात्रों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई।


पुलिस का बल प्रयोग

हंगामे के दौरान स्टेशन परिसर में पत्थरबाजी की घटनाएं हुईं। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और कुछ ट्रेनों में तोड़फोड़ की गई। पत्थर लगने से रेल आईजी जीतेंद्र राणा समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए सुरक्षा बलों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों में भी डर का माहौल बन गया।


ट्रेन संचालन पर प्रभाव

स्टेशन पर हुए हंगामे का सीधा असर रेल यातायात पर पड़ा। कई महत्वपूर्ण ट्रेनें निर्धारित समय से देर से चलीं, जबकि कुछ ट्रेनों के मार्ग में भी बदलाव करना पड़ा। यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और रेलवे को परिचालन संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।


पुलिस जांच शुरू

घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। रेल आईजी जीतेंद्र राणा ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कुछ असामाजिक तत्व भी सक्रिय थे, जिन्होंने माहौल को और खराब करने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।