×

पटियाला में बम धमाका: क्या था साजिश का मकसद?

पटियाला में सोमवार रात एक बम धमाका हुआ, जिसमें बम लगाने वाला व्यक्ति मारा गया। पुलिस ने घटनास्थल से शव बरामद किया है, लेकिन किसी अन्य को चोट नहीं आई। एसएसपी ने बताया कि मौके से कई वैज्ञानिक साक्ष्य मिले हैं और जांच जारी है। यह पहली बार नहीं है जब पंजाब में मालगाड़ी के ट्रैक को निशाना बनाया गया है। जानें इस घटना के पीछे की सच्चाई और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
 

पटियाला में बम धमाके की घटना


नई दिल्ली: पंजाब के पटियाला में सोमवार रात (27 अप्रैल 2026) एक गंभीर रेल हादसे से बचाव हुआ। शंभू-अंबाला रेल ट्रैक पर बम लगाने के दौरान एक धमाका हुआ, जिसमें आरोपी की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने घटनास्थल से एक शव बरामद किया है। हालांकि, ट्रैक को नुकसान पहुंचा है, लेकिन किसी ट्रेन या यात्री को कोई हानि नहीं हुई।


धमाके का समय और स्थान

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह धमाका सोमवार रात लगभग 10 बजे हुआ। यह ट्रैक विशेष रूप से मालगाड़ियों के लिए बनाया गया था। धमाका इतना शक्तिशाली था कि बम लगाने वाले का शरीर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।


घटना की सूचना मिलते ही डीआईजी और पटियाला के एसएसपी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। जीआरपी और आरपीएफ की टीमें भी जांच के लिए वहां पहुंच गईं। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य इकट्ठा किए।


एसएसपी का बयान

पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा ने मीडिया को बताया, "बम लगाने की कोशिश कर रहा व्यक्ति ही धमाके में मारा गया। उसका शव बरामद कर लिया गया है। किसी अन्य को चोट नहीं आई और न ही कोई संपत्ति का नुकसान हुआ।"


उन्होंने आगे कहा कि मौके से सिम कार्ड समेत कई वैज्ञानिक साक्ष्य मिले हैं और तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। एसएसपी ने विश्वास जताया कि जल्द ही पूरी साजिश का खुलासा किया जाएगा। जीआरपी, आरपीएफ और अन्य एजेंसियां मिलकर जांच कर रही हैं।


पंजाब में पहले भी हुए थे ऐसे हमले

यह पहली बार नहीं है जब पंजाब में मालगाड़ी के ट्रैक को निशाना बनाया गया है। जनवरी में फतेहगढ़ साहिब के सरहिंद में भी ऐसा ही धमाका हुआ था। 24 जनवरी को गणतंत्र दिवस से दो दिन पहले हुए उस धमाके में लोको पायलट अनिल शर्मा घायल हो गए थे। तब ट्रेन गोबिंदगढ़ से सरहिंद जा रही थी।


सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया गया था कि यह हमला प्रतिबंधित आतंकी संगठन खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स द्वारा किया गया था, लेकिन पुलिस ने तब इन दावों की पुष्टि नहीं की थी। रोपड़ रेंज के डीआईजी नानक सिंह ने कहा था कि लोको पायलट को हल्की चोट आई थी और वह खतरे से बाहर हैं।