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पश्चिम बंगाल की नई सरकार ने कैबिनेट बैठक में लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय

पश्चिम बंगाल में बीजेपी की नई सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने चुनावी वादों को तेजी से लागू करने की प्रक्रिया शुरू की है। बैठक में BSF को जमीन आवंटन, आयुष्मान भारत योजना का कार्यान्वयन, और सरकारी भर्ती प्रक्रिया को पुनः शुरू करने जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके अलावा, सरकार ने आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए 'सहयोग' हेल्पलाइन की भी शुरुआत की है। जानें और क्या-क्या हुआ इस बैठक में।
 

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में पहली कैबिनेट बैठक


कोलकाता: पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के बाद, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इस बैठक में स्वास्थ्य, सुरक्षा, भर्ती और कानून व्यवस्था से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई। सरकार ने अपने चुनावी वादों को तेजी से लागू करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद कहा कि यह केवल शुरुआत है और जल्द ही 'नया बंगाल' लोगों के सामने होगा।


चुनाव आयोग और मतदाताओं का धन्यवाद

बैठक में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग और राज्य के मतदाताओं का आभार व्यक्त किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार आयोग ने निष्पक्षता से कार्य किया, जिससे मतदान प्रक्रिया में सुधार हुआ। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है और बंगाल के लोगों ने बड़ी संख्या में मतदान कर इसे मजबूत किया है।


321 बीजेपी कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि

321 बीजेपी कार्यकर्ताओं को दी श्रद्धांजलि


कैबिनेट बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने उन 321 बीजेपी कार्यकर्ताओं को याद किया, जिन्होंने पार्टी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा कि इन कार्यकर्ताओं का बलिदान कभी नहीं भुलाया जाएगा और सरकार उनके परिवारों के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।


BSF को जमीन आवंटन का निर्णय

BSF को 45 दिनों में जमीन देने का फैसला


सरकार ने सीमा सुरक्षा और घुसपैठ की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए BSF को जमीन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि 45 दिनों के भीतर जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाए।


आयुष्मान भारत योजना का कार्यान्वयन

बंगाल में लागू होगी आयुष्मान भारत योजना


बीजेपी ने चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया था कि सत्ता में आने के बाद आयुष्मान भारत योजना पश्चिम बंगाल में लागू की जाएगी। अब सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य अब केंद्र सरकार की इस स्वास्थ्य योजना से जुड़ने जा रहा है, जिससे लाखों गरीब परिवारों को इलाज में आर्थिक सहायता मिलेगी।


नौकरशाहों की केंद्रीय ट्रेनिंग को मंजूरी

नौकरशाहों की केंद्रीय ट्रेनिंग को मंजूरी


नई सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछली सरकार के समय रुकी हुई केंद्रीय ट्रेनिंग और अधिकारियों की तैनाती को अब मंजूरी दे दी गई है। इसके साथ ही, राज्य में भारतीय न्याय संहिता (BNS) को लागू किया गया है, जिससे नए आपराधिक मामलों की जांच और कार्रवाई नए कानून के तहत होगी।


भर्ती प्रक्रिया का पुनः आरंभ

2015 के बाद पहली बार शुरू होगी बड़ी भर्ती प्रक्रिया


राज्य में लंबे समय से सरकारी भर्तियों की कमी को देखते हुए, नई सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2015 के बाद से राज्य में बड़े स्तर पर नौकरियों की कमी रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और जल्द ही विभिन्न विभागों में नई भर्तियां शुरू की जाएंगी।


सहयोग हेल्पलाइन की शुरुआत

शिकायतों के लिए शुरू हुई 'सहयोग' हेल्पलाइन


सरकार ने आम जनता की समस्याओं को जल्दी सुलझाने के लिए नई हेल्पलाइन और पोर्टल की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 'सहयोग हेल्पलाइन 1100' और सहयोग पोर्टल लॉन्च किया। अब लोग घर बैठे अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे और 30 दिनों के भीतर उनका समाधान किया जाएगा।


बिजली, पानी, सड़क, राशन, पेंशन, जमीन विवाद और सरकारी योजनाओं से जुड़ी समस्याओं की शिकायत सीधे पोर्टल पर की जा सकेगी। जो लोग इंटरनेट का उपयोग नहीं कर पाते, वे हेल्पलाइन नंबर 1100 पर कॉल करके भी अपनी समस्या दर्ज करा सकेंगे। यह सुविधा सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक उपलब्ध रहेगी। सरकार का कहना है कि इससे लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और प्रशासन की जवाबदेही भी बढ़ेगी।