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पश्चिम बंगाल में TMC प्रमुख के खिलाफ ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन: सड़े अंडे और पानी की बोतलें फेंकी गईं

पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में तृणमूल कांग्रेस की पंचायत प्रमुख गीता बर्मन के खिलाफ स्थानीय महिलाओं का उग्र प्रदर्शन हुआ। ग्रामीणों ने उनके घर का घेराव करते हुए सड़े अंडे और पानी की बोतलें फेंकीं। प्रदर्शन का कारण पंचायत स्तर पर सेवाओं में कमी और जॉब कार्ड से नाम हटाने के आरोप हैं। गीता बर्मन ने इसे जानलेवा हमला बताया है। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी बल तैनात किया है। यह घटना राज्य में बढ़ते राजनीतिक असंतोष को दर्शाती है।
 

कूचबिहार में TMC प्रमुख के घर का घेराव


नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के खिलाफ स्थानीय लोगों का गुस्सा उभरकर सामने आया है। गोपालपुर क्षेत्र में पंचायत स्तर पर प्रशासनिक समस्याओं और भेदभाव के चलते ग्रामीण महिलाओं ने TMC की पंचायत प्रमुख गीता बर्मन के निवास का घेराव किया।


उग्र प्रदर्शन में सड़े अंडे का इस्तेमाल

यह विरोध प्रदर्शन तेजी से उग्र हो गया, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने पंचायत प्रमुख के घर पर सड़े अंडे और पानी की बोतलें फेंकीं। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।


सेवाओं में कमी से नाराज ग्रामीण

इस हिंसक प्रदर्शन का मुख्य कारण केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं में कथित गड़बड़ी बताई जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि हाल के विधानसभा चुनावों के बाद से पंचायत प्रमुख क्षेत्र से अनुपस्थित रही हैं। उनका कहना है कि पंचायत स्तर पर मिलने वाली बुनियादी सेवाएं कई महीनों से ठप पड़ी हैं, विशेषकर मनरेगा से जुड़ी सेवाएं।


जॉब कार्ड में नाम हटाने का आरोप

स्थानीय महिलाओं का कहना है कि राजनीतिक दुर्भावना के चलते कई गरीब ग्रामीणों के नाम जॉब कार्ड की आधिकारिक सूची से जानबूझकर हटा दिए गए हैं। इससे रोजगार और आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है, जिसने इस जनाक्रोश को भड़काने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


जानलेवा हमले का आरोप

जब महिलाओं की भीड़ ने घर को घेर लिया, उस समय गीता बर्मन और उनके पति घर के अंदर थे। उग्र भीड़ ने नारेबाजी की और तोड़फोड़ करने की कोशिश की। गीता बर्मन ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह गंभीर बीमारी के कारण क्षेत्र का दौरा नहीं कर पाईं और इस घटना को एक सुनियोजित जानलेवा हमला बताया।


पुलिस की तैनाती

घटना की जानकारी मिलते ही मेखलीगंज थाना पुलिस की एक बड़ी टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल, क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है और मामले की जांच जारी है।


राजनीतिक असंतोष का संकेत

यह पहली बार नहीं है जब पश्चिम बंगाल में TMC नेताओं के खिलाफ जनता का विरोध सामने आया है। हाल ही में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को भी भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। कूचबिहार की यह घटना राज्य में बढ़ते राजनीतिक और प्रशासनिक असंतोष को एक बार फिर उजागर करती है।