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पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की रिश्तेदार ब्रिस्टी मुखर्जी की संदिग्ध मौत, जांच जारी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भतीजी, ब्रिस्टी मुखर्जी, की संदिग्ध मौत ने राज्य में हलचल मचा दी है। उनका शव बीरभूम जिले के कुसुम्बा गांव में पाया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन मौत के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। ब्रिस्टी का नाम हाल ही में शिक्षक भर्ती घोटाले में आया था, जिससे उनकी मौत के पीछे के कारणों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। जानें इस मामले में क्या हो रहा है और इसके राजनीतिक प्रभावों के बारे में।
 

कोलकाता में हुई दुखद घटना


कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भतीजी, ब्रिस्टी मुखर्जी, की मंगलवार को मृत्यु हो गई। उनका शव बीरभूम जिले के रामपुरहाट थाना क्षेत्र के कुसुम्बा गांव में उनके निवास पर पाया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, परिवार ने सुबह लगभग 9 बजे इस घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया।


पुलिस जांच की शुरुआत

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, मौत के कारणों के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। पुलिस परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर रही है और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।


#WATCH | Niece of former West Bengal CM Mamata Banerjee found dead at her father's residence in Kusumba village, Rampurhat in Birbhum. Police present at the spot. Further Police action is underway: SP Birbhum

Visuals from the spot. pic.twitter.com/pRYcfRgpqB

— News Media (@ANI) September 1, 2026



शिक्षक भर्ती मामले में शामिल

28 वर्षीय ब्रिस्टी मुखर्जी का नाम पश्चिम बंगाल के विवादास्पद शिक्षक भर्ती मामले में आया था। बताया गया है कि उन्हें मार्च 2023 में बोलपुर के एक उच्च प्राथमिक विद्यालय में गैर-शिक्षण कर्मचारी के रूप में नियुक्त किया गया था। बाद में राज्य में हजारों शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्तियों की जांच हुई, जिसके परिणामस्वरूप कई नियुक्तियां रद्द कर दी गईं।


आरोप था कि कुछ व्यक्तियों ने कथित अनियमितताओं और धन के लेन-देन के माध्यम से सरकारी नौकरियां प्राप्त की थीं। इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्णय के बाद कई नियुक्तियों को रद्द किया गया, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा।


तनाव और नौकरी का मुद्दा

रिपोर्टों के अनुसार, अदालत के निर्णय के बाद ब्रिस्टी तनाव में थी। नौकरी गंवाने वाले उम्मीदवारों की सूची में उनका नाम 608वें स्थान पर था। हालांकि, परिवार का कहना है कि ब्रिस्टी ने स्वास्थ्य कारणों से नौकरी ज्वाइन करने के बाद ही छोड़ दी थी। ब्रिस्टी के पिता, निहार मुखर्जी, तृणमूल कांग्रेस से जुड़े एक स्थानीय नेता हैं और उनका ममता बनर्जी के परिवार से संबंध है।


राजनीतिक मुद्दा बना शिक्षक भर्ती घोटाला

पश्चिम बंगाल का शिक्षक भर्ती मामला लंबे समय से राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है। 2016 में हुई भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की जांच के दौरान तत्कालीन शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। मामले में आयोग और शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है। वर्तमान में, ब्रिस्टी की मौत के मामले में पुलिस की जांच जारी है, और मौत के सही कारण पोस्टमार्टम और जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।