पुणे हत्याकांड में नया विवाद: सिया गोयल के वकील ने भाई को भेजा 10 करोड़ का नोटिस
पुणे में कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या का मामला
पुणे/नई दिल्ली: पुणे में केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को अदालत ने फिर से 3 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। वडगांव मावल कोर्ट में सुनवाई के दौरान सिया गोयल ने अपने वकील को लेकर नया विवाद उठाया। उन्होंने कहा कि उनके वकील एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव नहीं हैं, बल्कि एडवोकेट विपुल दुशिंग हैं।
इससे पहले, साहिल गोयल ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि उन्होंने कभी एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव को नियुक्त नहीं किया। साहिल ने आरोप लगाया कि आशुतोष ने उनसे कभी संपर्क नहीं किया और जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने बताया कि उन्होंने एडवोकेट विपुल दुशिंग को अपना वकील नियुक्त किया है और इस संबंध में अदालत में हलफनामा भी पेश किया है। इसके अलावा, साहिल ने यह भी कहा कि सिया गोयल से लॉकअप में हस्ताक्षर कराए गए थे।
इन आरोपों के बाद, एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव ने साहिल गोयल को 10 करोड़ रुपये का मानहानि का नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि साहिल ने उनके खिलाफ झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाए हैं, जिससे उनकी पेशेवर छवि को नुकसान पहुंचा है। नोटिस में आरोप वापस लेने, सार्वजनिक माफी मांगने और भविष्य में ऐसे आरोप न लगाने का लिखित आश्वासन देने की मांग की गई है। हालांकि, इस नोटिस पर साहिल गोयल की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा, "हमारी टीम ने सिया गोयल से मुलाकात की थी। उन्हें कानूनी सहायता की आवश्यकता थी, इसलिए उन्होंने हमारे पक्ष में वकालतनामे पर हस्ताक्षर किए। सिया गोयल बालिग हैं और अपने फैसले लेने में सक्षम हैं। साहिल का कहना गलत है कि हमने उनसे बात नहीं की। हमने सीधे सिया गोयल से बातचीत की थी। उन्होंने मुंबई हाई कोर्ट में हमारे पक्ष में वकालतनामा दिया है, जिस पर उनके हस्ताक्षर हैं।" अब देखना यह है कि साहिल गोयल इस कानूनी नोटिस का क्या जवाब देते हैं।