पूर्वी दिल्ली में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: पुलिस ने ड्रग नेटवर्क का किया भंडाफोड़
पुलिस की कार्रवाई से नशे के कारोबार में हड़कंप
नई दिल्ली: पूर्वी दिल्ली में नशे के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन कवच के तहत पुलिस ने एक बड़े ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। एंटी नारकोटिक्स स्क्वॉड, ईस्ट डिस्ट्रिक्ट की टीम ने पांच संदिग्ध नशा तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 100 ग्राम एमडीएमए, 61 ग्राम स्मैक और 3.816 किलोग्राम गांजा बरामद किया। पुलिस के अनुसार, बरामद एमडीएमए की मात्रा वाणिज्यिक स्तर की है। इस कार्रवाई में 42,540 रुपये नकद, इलेक्ट्रॉनिक कांटा, खाली पुड़िया, दो मोबाइल फोन, एक ऑटोमैटिक पिस्टल और दो जिंदा कारतूस भी मिले।
तस्करों की गिरफ्तारी की कहानी
पूर्वी जिला डीसीपी राजीव कुमार रावल ने बताया कि एंटी नारकोटिक्स स्क्वॉड को सूचना मिली थी कि करण उर्फ नितिश और निखिल सब्जी मंडी और गाजीपुर-कल्याणपुरी क्षेत्र में गांजे की पुड़िया बेच रहे हैं। 25-26 सितंबर की रात, टीम ने गाजीपुर सब्जी मंडी में जाल बिछाकर दोनों को पकड़ लिया। तलाशी में करण के पास से 61 ग्राम स्मैक और निखिल के पास से 2.532 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।
पूछताछ के दौरान, दोनों ने ऋषि गुप्ता उर्फ राहुल उर्फ आकाश का नाम लिया, जो उनके स्रोत के रूप में सामने आया। इसके बाद, पुलिस ने 27-28 सितंबर की रात मंडावली के उत्तरी स्कूल ब्लॉक में छापेमारी की और ऋषि गुप्ता के साथ उसके सहयोगियों प्रेम सिंह और कुणाल मोर्या को भी गिरफ्तार किया।
पुलिस की छापेमारी में मिली बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ
पुलिस के अनुसार, इनकी गिरफ्तारी के बाद उनके कब्जे से 100 ग्राम एमडीएमए, 1.284 किलोग्राम गांजा, 42,540 रुपये नकद, खाली पुड़ियां, इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन, दो मोबाइल फोन, एक ऑटोमैटिक पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। हथियार की बरामदगी के मामले में मधु विहार थाने में आर्म्स एक्ट के तहत अलग से एफआईआर दर्ज की गई है।
नशे के कारोबार का नेटवर्क
जांच में पुलिस का आरोप है कि ऋषि गुप्ता अपने सहयोगियों के साथ मिलकर एमडीएमए और गांजा खरीदता था और फिर करण तथा निखिल के माध्यम से इन्हें छोटे पैकेट में बेचता था। पुलिस के अनुसार, खाली पुड़ियों और इलेक्ट्रॉनिक कांटे का उपयोग नशीले पदार्थों को तौलने और पैक करने के लिए किया जाता था, जबकि मोबाइल फोन का उपयोग ग्राहकों से संपर्क करने के लिए किया जाता था।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, करण उर्फ नितिश, 26 वर्ष का निवासी गाजियाबाद है और उसकी शिक्षा 11वीं तक है। उसके खिलाफ पहले एक आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज है। निखिल, 28 वर्ष का गाजियाबाद निवासी है और 9वीं तक पढ़ा है, उसके खिलाफ एक चोरी का मामला है।
ऋषि गुप्ता उर्फ राहुल उर्फ आकाश, 22 वर्ष का मंडावली निवासी है और उसके खिलाफ 12 मामले दर्ज हैं, जिसमें हत्या का मामला भी शामिल है। प्रेम सिंह और कुणाल मोर्या के खिलाफ कोई पूर्व मामला नहीं है।
पुलिस का अभियान जारी
पूर्वी जिला पुलिस के उपायुक्त राजीव कुमार ने कहा कि नशे की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। पुलिस स्थानीय और अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय नेटवर्क की पहचान कर कार्रवाई कर रही है। आम लोगों से अपील की गई है कि यदि उन्हें अपने क्षेत्र में नशीले पदार्थों की बिक्री या तस्करी की जानकारी हो, तो वे 112 या मानस हेल्पलाइन 1933 पर सूचना दें।
कार्रवाई करने वाली टीम
इस कार्रवाई में एंटी नारकोटिक्स स्क्वॉड ईस्ट डिस्ट्रिक्ट की टीम शामिल थी, जिसमें एसआई विकास, एसआई सविता, एसआई देवेंद्र, एएसआई अरुण, एचसी देवेश, एचसी प्रदीप शर्मा, एचसी अमित कसाना, एचसी अशोक, एचसी विक्रांत, एचसी विवेक, एचसी लखन, एचसी हरेंद्र, डब्ल्यू/एचसी अनामिका और कांस्टेबल कौशल शामिल थे। टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने किया।