प्रशांत किशोर का चुनावी सफर: बांकीपुर में मिली बढ़त, क्या होगी जीत?
बिहार की सियासत में नया मोड़
पटना: बिहार की राजनीति में सोमवार को एक नया अध्याय शुरू हुआ। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर, जो पहले चुनावी रणनीतिकार के रूप में जाने जाते थे, अब खुद चुनावी मैदान में हैं। चुनाव आयोग के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, उन्होंने बांकीपुर विधानसभा सीट पर बढ़त बना ली है। पहले राउंड की गिनती में किशोर को 2,225 वोट मिले, जबकि भारतीय जनता पार्टी के नीरज कुमार सिन्हा को 1,363 वोट मिले, जिससे दोनों के बीच 862 वोटों का अंतर बना। राष्ट्रीय जनता दल की रेखा गुप्ता 505 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं, जो किशोर से 1,720 वोट पीछे हैं।
बांकीपुर सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला
शुरुआती रुझानों में बढ़त
बांकीपुर सीट नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, और यहां त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है। 30 जुलाई को हुए मतदान के परिणाम यह तय करेंगे कि क्या प्रशांत किशोर अपनी रणनीति को अपने लिए भी उतनी ही सफलतापूर्वक लागू कर पाएंगे, जितनी उन्होंने अन्य नेताओं के लिए की थी।
दतिया और मंजलपुर में भी चुनावी हलचल
दतिया और मंजलपुर में भी सरगर्मी
बिहार के अलावा, मध्य प्रदेश की दतिया और गुजरात की मंजलपुर सीटों पर भी उपचुनाव की गिनती चल रही है। दतिया में भाजपा के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह के बीच मुख्य मुकाबला है, जहां मतदान के दिन 71.44 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। 2023 के चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भार्ती ने भाजपा के नरोत्तम मिश्रा को हराया था, लेकिन एक धोखाधड़ी मामले में सजा मिलने के बाद उनकी सीट खाली हो गई। भाजपा ने इस बार मिश्रा को टिकट नहीं दिया और तिवारी पर भरोसा जताया, जिसका विरोध मिश्रा समर्थकों ने किया।
गुजरात की मंजलपुर सीट भाजपा विधायक योगेश पटेल के निधन के कारण खाली हुई थी। यहां भाजपा के सतीश गोविंदभाई पटेल का मुकाबला कांग्रेस के भीखाभाई राबारी से है। 260 बूथों पर 37.5 प्रतिशत मतदान हुआ था। 2022 में योगेश पटेल ने यह सीट एक लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीती थी, ऐसे में भाजपा के लिए इसे बचाना एक चुनौती बन गया है।