बंगाल की खाड़ी में बढ़ रहा कम दबाव, चक्रवाती तूफान 'अर्णब' की संभावना
कम दबाव का क्षेत्र तेज हो रहा है
नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी में स्थित कम दबाव का क्षेत्र अब तेजी से विकसित हो रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार सुबह बताया कि पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन अगले 12 घंटों में गहरे डिप्रेशन में बदल सकता है। IMD ने X पर जानकारी साझा की कि यह सिस्टम पिछले 6 घंटों में 18 किमी प्रति घंटे की गति से पश्चिम की ओर बढ़ा है।
22 सितंबर को सुबह 8:30 बजे, यह 17.9 डिग्री उत्तर अक्षांश और 86.0 डिग्री पूर्व देशांतर के पास स्थित था। वर्तमान में, यह गोपालपुर से लगभग 200 किमी दक्षिण-पूर्व, पुरी से 210 किमी दक्षिण और विशाखापत्तनम से 290 किमी पूर्व में है।
विशाखापत्तनम और गोपालपुर के तट पर खतरा
विशाखापत्तनम और गोपालपुर के तट से टकरा सकता है डीप डिप्रेशन
मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ता रहेगा और 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की सुबह के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तट को पार कर सकता है। यह विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच डीप डिप्रेशन के रूप में तट से टकरा सकता है। यदि यह और मजबूत होता है, तो इसे चक्रवाती तूफान का रूप भी मिल सकता है। इस तूफान का नाम 'अर्णब' रखा गया है, जो बांग्लादेश द्वारा दिया गया है और इसका अर्थ 'सागर' है। यह नाम विश्व मौसम संगठन और IMD द्वारा मिलकर तैयार की गई सूची में शामिल है।
ओडिशा सरकार ने उठाए कदम
ओडिशा सरकार ने दी चेतावनी
तूफान के संभावित प्रभाव को देखते हुए, ओडिशा सरकार ने एहतियात बरतना शुरू कर दिया है। राज्य के चार जिलों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों में कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जिससे नदियों का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो सकता है, विशेषकर उन स्थानों पर जहां पहले से ही बारिश हो रही है।
इसके अलावा, मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने तटीय जिलों में राहत और बचाव टीमों को सतर्क कर दिया है। आंध्र प्रदेश के उत्तरी तट पर भी तेज हवाएं चलने और बारिश की संभावना जताई गई है। IMD ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे मौसम विभाग के अपडेट पर ध्यान दें और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें।