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बसपा में बदलाव: मायावती ने छोटे भतीजे ईशान आनंद को दी बड़ी जिम्मेदारी

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में हाल ही में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। मायावती ने अपने बड़े भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से बाहर कर दिया और छोटे भतीजे ईशान आनंद को कई राज्यों का मुख्य सेक्टर प्रभारी नियुक्त किया है। इस निर्णय के बाद, ईशान ने मायावती के फैसलों का समर्थन किया है। जानें ईशान की शिक्षा, पृष्ठभूमि और मायावती के सिद्धांतों के बारे में।
 

नई दिल्ली में बसपा में हो रहे बदलाव


नई दिल्ली: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में हाल ही में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहे हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी के बीच, मायावती ने संगठन में फेरबदल के संकेत दिए हैं। बड़े भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने के बाद, छोटे भतीजे ईशान आनंद को एक महत्वपूर्ण भूमिका सौंपकर मायावती ने एक नया राजनीतिक संदेश दिया है।


आशोक सिद्धार्थ का राजनीति से दूरी बनाना

मायावती के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद, पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ ने सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने का निर्णय लिया। इस पर मायावती ने कहा, 'देर आए, दुरुस्त आए'। इसके बाद, उन्होंने आकाश आनंद को पार्टी से बाहर कर दिया। इसी दौरान, मायावती ने ईशान आनंद को सार्वजनिक रूप से पेश किया और बताया कि उनका यही आधिकारिक ट्विटर/एक्स अकाउंट है। इससे उनकी सक्रिय भूमिका स्पष्ट हो गई है।


ईशान आनंद को मिली नई जिम्मेदारी

बसपा की प्रमुख ने ईशान आनंद को कई राज्यों का मुख्य सेक्टर प्रभारी नियुक्त किया है, जिसमें लगभग 15 से 19 राज्यों का समावेश है। हालांकि, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को फिलहाल उनकी जिम्मेदारी से बाहर रखा गया है। ईशान इन राज्यों में संगठन के कार्यों और पार्टी गतिविधियों की समीक्षा करेंगे, और उनकी रिपोर्ट मायावती और उनके पिता आनंद कुमार तक पहुंचेगी। इस नई जिम्मेदारी के साथ, वह बसपा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


ईशान का मायावती के फैसलों का समर्थन

आकाश आनंद को पार्टी से हटाए जाने के बाद, ईशान आनंद ने सोशल मीडिया पर मायावती के निर्णयों और पार्टी अनुशासन का समर्थन किया। इसके बाद, उन्हें बसपा में एक युवा चेहरे के रूप में देखा जाने लगा है। ईशान की सक्रियता से दूसरी पीढ़ी की राजनीति पर चर्चा तेज हो गई है।


ईशान आनंद की शिक्षा और पृष्ठभूमि

ईशान आनंद, बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार के छोटे बेटे हैं। उन्होंने नोएडा के जेनेसिस ग्लोबल स्कूल से शिक्षा प्राप्त की और लंदन के वेस्टमिंस्टर विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल की। वह लंबे समय से परिवार के व्यवसाय का संचालन कर रहे थे, और अब उन्होंने राजनीति में कदम रखा है। अप्रैल 2025 में उनका विवाह राधिका खन्ना से हुआ था।


बसपा के सिद्धांतों पर मायावती का बयान

मायावती ने स्पष्ट किया कि बसपा की राजनीति बाबा साहेब आंबेडकर और मान्यवर कांशीराम के त्याग और समर्पण पर आधारित है। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज को सत्ता में लाने के लिए व्यक्तिगत स्वार्थों से ऊपर उठना होगा। मायावती ने अशोक सिद्धार्थ और आकाश आनंद पर आरोप लगाया कि उन्होंने पार्टी के हितों को पारिवारिक स्वार्थों से ऊपर रखा। उन्होंने आकाश की पार्टी के प्रति वफादारी पर भी सवाल उठाया, यह कहते हुए कि उन्होंने ससुर के प्रभाव में बसपा के आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट को दोबारा साझा नहीं किया।