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बिहार के छात्रों के लिए राहत: राज्यपाल ने लंबित डिग्रियों के वितरण के लिए शुरू किया विशेष अभियान

बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों में वर्षों से लंबित डिग्रियों के वितरण के लिए राज्यपाल सचिवालय ने एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस कदम का उद्देश्य छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना और उन्हें उच्च शिक्षा तथा रोजगार के अवसरों में आने वाली परेशानियों से राहत प्रदान करना है। राज्यपाल ने सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे मिशन मोड में डिग्रियों का वितरण करें और लंबित मामलों का शीघ्र समाधान करें। इसके साथ ही, विश्वविद्यालयों से विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी गई है।
 

बिहार में डिग्री वितरण पर राज्यपाल का सख्त आदेश


पटना: बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों में लंबित डिग्रियों को लेकर राज्यपाल सचिवालय ने कड़ा रुख अपनाया है। लोक भवन द्वारा जारी एक पत्र में सभी राज्य संचालित विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि जिन छात्रों ने अपना पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, उन्हें मिशन मोड में लंबित डिग्रियां वितरित की जाएं। इसके लिए विशेष अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया है।


छात्रों के भविष्य पर प्रभाव

राज्यपाल के अतिरिक्त मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने सभी कुलपतियों को भेजे पत्र में बताया कि डिग्री जारी करने में देरी छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है। इससे उच्च शिक्षा में प्रवेश, रोजगार के अवसर और करियर की प्रगति प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि लोक भवन में प्राप्त शिकायतों का एक बड़ा हिस्सा समय पर डिग्री न मिलने से संबंधित है।


पत्र में विश्वविद्यालयों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि डिग्री की छपाई और वितरण को प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही सभी लंबित मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के लिए मिशन मोड में विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है।


राज्यपाल ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट

राज्यपाल सचिवालय ने विश्वविद्यालयों से डिग्री वितरण की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है। यह रिपोर्ट 1 जुलाई 2026 तक ईमेल के माध्यम से एक्सेल फॉर्मेट में भेजनी होगी। रिपोर्ट में 2010 से 2024 तक का पूरा ब्योरा शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों के आंकड़े अलग-अलग उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया है।


पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रत्येक विश्वविद्यालय को एक समर्पित 'डिग्री निगरानी प्रकोष्ठ' (Degree Monitoring Cell) का गठन करना चाहिए। यह प्रकोष्ठ डिग्री की छपाई और वितरण की नियमित समीक्षा करेगा, लंबित मामलों की पहचान करेगा और उन्हें समय पर पूरा कराने की निगरानी करेगा।


छात्रों को मिलेगी राहत

राज्यपाल सचिवालय के इस निर्देश को उन हजारों छात्रों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है, जो वर्षों से अपनी डिग्री का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद है कि इस विशेष अभियान के माध्यम से लंबित मामलों का तेजी से समाधान होगा और छात्रों को आगे की पढ़ाई तथा रोजगार के अवसरों में आने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी।