बिहार में खेल और उद्योग को बढ़ावा देने की नई पहल
खेल एवं उद्योग मंत्री की घोषणाएं
पश्चिम चंपारण, बेतिया। श्रेयसी सिंह, जो बिहार की खेल एवं उद्योग मंत्री हैं, ने कहा है कि राज्य सरकार खेल की आधारभूत संरचना को मजबूत करने और नई औद्योगिक नीति को लागू करने में जुटी है, जिससे बिहार खेल और उद्योग के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। बेतिया में आयोजित 'विकसित भारत संकल्प सम्मेलन' में उन्होंने राज्य के युवाओं और खिलाड़ियों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की।
खेल मंत्री ने कहा कि बिहार में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, बशर्ते उन्हें उचित मंच और सुविधाएं मिलें। उन्होंने यह भी बताया कि ओलंपिक या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को सीधे डीएसपी (Deputy Superintendent of Police) की नौकरी दी जाएगी। इसके साथ ही 'मेडल लाओ, नौकरी पाओ' योजना के तहत पदक विजेताओं को सुरक्षित भविष्य प्रदान किया जाएगा। बिहार जल्द ही अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेज़बानी कर सके, इसके लिए ग्रामीण स्तर की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए उच्च विद्यालयों को एकलव्य केंद्रों से जोड़ा जा रहा है और राज्य में विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके अलावा, युवाओं के पलायन को रोकने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए राज्य सरकार बड़े कदम उठा रही है। उद्योगों का एक बड़ा नेटवर्क स्थापित करने के लिए पूरे बिहार में 14,000 एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। अब उद्योगों के लिए सभी आवश्यक क्लीयरेंस और लाइसेंस एक महीने के भीतर दिए जा रहे हैं, जिससे निवेशकों को आकर्षित किया जा सके।
चंपारण बनेगा नया औद्योगिक हब
उद्योग मंत्री ने चंपारण का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार बेतिया राज की 500 एकड़ भूमि और पूरे चंपारण में कुल 1,500 एकड़ भूमि पर औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने की योजना बना रही है। इस क्षेत्र में बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से शुरू करने और नए उद्योग स्थापित करने के प्रयास तेज किए जा रहे हैं, ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े। इस कार्यक्रम के दौरान, मंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं और स्थानीय खिलाड़ियों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित भी किया।