बिहार में बंटी यादव हत्या मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: चार कर्मी निलंबित
पटना में बंटी यादव हत्या मामले में पुलिस का एक्शन
पटना: बिहार के चर्चित बंटी यादव अपहरण और हत्या मामले में पुलिस ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जांच के दौरान सामने आई गंभीर लापरवाही के चलते पटना सेंट्रल की एसपी ममता कल्याणी ने तीन सहायक उपनिरीक्षकों (एएसआई) और एक गृह रक्षक को तुरंत निलंबित कर दिया है। विभाग का मानना है कि यदि ड्यूटी के दौरान सतर्कता बरती जाती, तो इस घटना को टाला जा सकता था।
निलंबित किए गए चार कर्मियों में तीन एएसआई और एक गृह रक्षक शामिल हैं। सभी पर ड्यूटी के समय गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप है। निलंबन के दौरान इन सभी का मुख्यालय नवीन आरक्षी पुलिस केंद्र, पटना निर्धारित किया गया है। इसके अलावा, विभाग ने सभी निलंबित कर्मियों को तीन दिनों के भीतर इस मामले में लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निलंबित पुलिसकर्मियों के नाम
बंटी यादव हत्या मामले में जिन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
एएसआई प्रवीण कुमार पंकज
एएसआई अवधेश कुमार
एएसआई वीर बहादुर सिंह
गृह रक्षक सुदर्शन प्रसाद
इन सभी पर आरोप है कि ड्यूटी के दौरान आवश्यक सतर्कता नहीं बरती गई, जिससे अपराधियों को वारदात को अंजाम देने का मौका मिला।
घटनास्थल के निकट तैनाती
जांच में यह बात सामने आई कि 6 जुलाई की रात जब बंटी यादव का अपहरण हुआ, तब ये चारों पुलिसकर्मी घटनास्थल से लगभग 100 मीटर की दूरी पर तैनात थे। वे गश्ती दल और डायल-112 की ड्यूटी पर थे। इतनी नजदीक होने के बावजूद उन्हें न तो किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिली और न ही अपहरण की घटना का पता चला। पुलिस अधिकारियों ने इसे ड्यूटी के प्रति गंभीर लापरवाही माना है, जिसके बाद निलंबन की कार्रवाई की गई।
शव की बरामदगी
बंटी यादव का अपहरण 6 जुलाई को पटना जंक्शन के महावीर मंदिर के पास से किया गया था। घटना के बाद पुलिस ने उसकी तलाश में जुटी रही, लेकिन पांच दिन बाद 11 जुलाई को उसका शव अथमलगोला इलाके से बरामद हुआ। यह स्थान पटना जंक्शन से लगभग 60 किलोमीटर दूर है। शव मिलने के बाद पूरे मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे।
शव की स्थिति
जब पुलिस को बंटी यादव का शव मिला, तब उसकी स्थिति अत्यंत खराब थी। शव काफी क्षत-विक्षत हो चुका था और चेहरे को इतनी बुरी तरह नुकसान पहुंचाया गया था कि उसकी पहचान करना मुश्किल हो गया। जानकारी के अनुसार, मृतक के चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान थे, जिससे आंख और नाक की पहचान भी स्पष्ट नहीं हो पा रही थी। उसका बायां हाथ सामान्य स्थिति में था, लेकिन दाहिने हाथ का मांस गायब था और केवल हड्डी दिखाई दे रही थी। शरीर के कई हिस्सों पर गहरे चोट के निशान थे और शव में सड़न शुरू हो चुकी थी।